जहरीली शराब त्रासदी से जुड़े मामले को सीबी-सीआईडी को सौंपा जाएगा। विलुप्पुरम में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा कि मामला सीबी-सीआईडी को हस्तांतरित किए जाएंगे। सीएम स्टालिन ने कहा कि शुरुआती जांच में पता चला है कि नकली शराब बनाने के लिए मेथनॉल का इस्तेमाल किया जाता था। सीएम ने जहरीली शराब त्रासदी के सिलसिले में विल्लुपुरम के एसपी को निलंबित करने और चेंगलपट्टू के एसपी के तबादले का आदेश दिया।
इससे पहले विलुप्पुरम जिले के मरक्कनम में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से एक महिला समेत पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पाचों लोगों को शनिवार देर रात एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां शुरुआत में उनमें से तीन की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि महिला सहित दो अन्य लोगों की रविवार को इलाज के बिना मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि यह घटना मरक्कनम के मछली पकड़ने वाले एक्कियारकुप्पम गांव में हुई, जहां लोगों के एक समूह ने शनिवार शाम को अवैध शराब का सेवन किया।
मृतकों में तीन की पहचान 50 वर्षीय शंकर, 50 वर्षीय दरानीवेल और 60 वर्षीय सुरेश के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि शराब पीने वाले लोगों और अन्य लोगों को शारीरिक बेचैनी महसूस हुई, जिसके बाद उन्हें पुडुचेरी के जिपमर अस्पताल ले जाया गया। पुलिस के मुताबिक, कथित तौर पर नकली शराब बेचने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है और इस घटना के अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान जारी है।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने मृतकों के परिजनों के लिए 10 लाख रुपये और अस्पताल में इलाज करा रहे लोगों के लिए 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने एक बयान में कहा कि घटना के संबंध में मरक्कनम इंस्पेक्टर अरुल वाडीवेल अझगन, सब इंस्पेक्टर दीपन, पीईडब्ल्यू इंस्पेक्टर मारिया सोबी मंजुला और सब इंस्पेक्टर शिवगुरुनाथन को अस्थायी रूप से निलंबित किया जा रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस घटना में अस्पताल में भर्ती लोगों को विशेष उपचार देने का भी निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार अवैध शराब और नशीले पदार्थों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार सख्त कदम उठा रही है।
भाजपा की तमिलनाडु इकाई के प्रमुख के अन्नामलाई ने इस घटना पर दुख जताया है। उन्होंने ट्वीट किया, ''तीन लोगों की मौत की खबर... यह बहुत हैरान करने वाला है। यह भी पता चला है कि 16 लोगों का गंभीर हालत में अस्पताल में उपचार चल रहा है। मैं उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।" उन्होंने द्रमुक सरकार पर राज्य में शराब के अवैध कारोबार को रोकने में निष्क्रिय होने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने द्रमुक सरकार से 'अवैध शराब की बिक्री' को खत्म करने के लिए सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया। अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा, मैं तमिलनाडु भाजपा की ओर से आग्रह करता हूं कि तमिलनाडु सरकार को तुरंत नींद से जागे और नकली शराब की बिक्री को खत्म करने के लिए सख्त कार्रवाई करे।