2005 में कर्नाटक में प्रतिष्ठित शैक्षणिक केंद्र पर आतंकवादी हमले करने के आरोप में आतंकी पाशा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। धमकी और जबरन वसूली के लिए कॉल करने के मामले में शनिवार को उसे बेलगावी जेल से नागपुर लाया गया था।
भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) बेंगलुरु आतंकी हमले के दोषी अफसर पाशा को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को धमकी और जबरन वसूली कॉल में कथित संलिप्तता के लिए गिरफ्तार किया गया है। एक पुलिस अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पाशा ने दो बार नागपुर का दौरा किया था, इस दौरान वह कहां ठहरा था इसका पता लगाया जा रहा है। बता दें कि नागपुर पुलिस को इस साल की शुरुआत में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को धमकी भरे फोन कॉल करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए जयेश पुजारी और अफसर पाशा के बीच संबंधों के सुराग मिले थे।
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2005 में कर्नाटक में प्रतिष्ठित शैक्षणिक केंद्र पर आतंकवादी हमले करने के आरोप में आतंकी पाशा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। धमकी और जबरन वसूली के लिए कॉल करने के मामले में शनिवार को उसे बेलगावी जेल से नागपुर लाया गया था। अधिकारी ने कहा कि पाशा ने 2003 से 2004 के बीच दो बार नागपुर का दौरा किया था और इस अवधि के दौरान उसके प्रवास और गतिविधियों के विवरण पता लगाया जा रहा है।
इस साल 14 जनवरी को गडकरी के नागपुर स्थित जनसंपर्क कार्यालय में 100 करोड़ रुपये की धमकी और रंगदारी की कॉल आने के बाद जांच शुरू हुई थी। पुलिस ने कहा था कि इस तरह की एक और कॉल 21 मार्च को आई थी और जांच दक्षिणी राज्य की बेलगावी जेल में बंद एक दोषी जयेश पुजारी पर केंद्रित हुई थी।
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पुजारी को 28 मार्च को नागपुर लाया गया था और उसके खिलाफ धंतोली पुलिस स्टेशन में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों के तहत दो मामले दर्ज किए गए थे।
पुलिस के अनुसार, जांच में पुजारी और अफसर पाशा के बीच संबंध का पता चला है, जो जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों में शामिल था और उसे वहां प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा के लिए गुर्गों की भर्ती के लिए 2012 के एक मामले में भी दोषी ठहराया गया था।