केंद्रीय स्वास्थ्य परिवार स्वास्थ्य कल्याण मंत्रालय ने संसद में एक सवाल के जवाब में बताया कि देश में अभी भी नकली दूध बनाने का कारोबार चल रहा है। बीते तीन साल में नकली दूध के सबसे ज्यादा मामले उत्तर प्रदेश, केरल और तमिलनाडु में सामने आए हैं।
इन दिनों देश के कई राज्यों में नकली दूध का कारोबार तेजी से फल-फूल रहा हैं। उत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक कई राज्य ऐसे हैं जहां नकली दूध बनाने का कारोबार और बेचने का कारोबार हो रहा है। पिछले तीन वर्षों में नकली दूध के कारोबार के सबसे ज्यादा मामले उत्तर प्रदेश, केरल और तमिलनाडु से सामने आए हैं।
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केंद्रीय स्वास्थ्य परिवार स्वास्थ्य कल्याण मंत्रालय ने संसद में एक सवाल के जवाब में बताया कि देश में अभी भी नकली दूध बनाने का कारोबार चल रहा है। बीते तीन साल में नकली दूध के सबसे ज्यादा मामले उत्तर प्रदेश, केरल और तमिलनाडु में सामने आए हैं। वर्ष 2023-24 की बात करें तो यूपी में 16 हजार से ज्यादा दूध के सैंपल पॉजिटिव पाए गए थे। मतलब ताजा दूध के जो मानक हैं, उसे ये सैंपल पूरा नहीं कर रहे थे।
इसी तरह से तमिलनाडु में 2200 से ज्यादा मामले पकड़े गए थे। जबकि केरल में 1300 सैंपल पॉजिटिव पाए गए थे। वर्ष 2022-23 और 2021-22 में भी इन्हीं तीन राज्यों में नकली और मिलावटी दूध के मामले सबसे ज्यादा पकड़े गए थे। इतना ही नहीं बिहार, हरियाणा, महाराष्ट्र, राजस्थान, पंजाब और मध्यप्रदेश में भी लगातार मिलावटी और नकली दूध के मामले पकड़े जा रहे हैं।
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ये पांच राज्य करते हैं उत्पादन
देश के सिर्फ ये पांच राज्य 52 फीसदी दूध का उत्पादन करते हैं। नाबार्ड के आंकड़ों के अनुसार वह पांच राज्य, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, गुजरात और आंध्र प्रदेश हैं। दूध उत्पादन के मामले में राजस्थान देश के अन्य सभी राज्यों में आगे है। क्योंकि यहां अधिक मात्रा में पशुपालन किया जाता है। नाबार्ड के वर्ष 2023 के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार देश में कुल उत्पादित होने वाले दूध उत्पादन में से राजस्थान 15.05 फीसदी का उत्पादन करता है। जबकि दूसरे नंबर पर उत्तर प्रदेश है, जहां कुल 14.93 फीसदी दूध का उत्पादन होता है। तीसरे स्थान पर मध्यप्रदेश है, जहां 8.06 फीसदी दूध का उत्पादन होता है। इसके बाद चौथे स्थान पर गुजरात है, जहां 7.56 फीसदी दूध का उत्पादन होता है। पांचवें स्थान पर आंध्र प्रदेश है, जहां 6.97 फीसदी दूध का उत्पादन किया जाता है। इनके अलावा अन्य राज्य भी हैं जहां बचे हुए 48 फीसदी दूध का उत्पादन किया जाता है।