संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत हो गई है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को संसद में वित्त वर्ष 2022-23 के लिए केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर का बजट पेश कर दिया है। उन्होंने लोकसभा में अनुदान के लिए पूरक मांग, अनुदान की मांग और जम्मू और कश्मीर के लिए अतिरिक्त अनुदान की मांग भी प्रस्तुत कीं।
बताया जा रहा है कि बजट के केंद्र में कई विकास परियोजनाएं हैं और ग्रामीण विकास, उद्योग, कृषि क्षेत्र और पर्यटन पर भी फोकस है। यह केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर का तीसरा बजट है, जो संसद में पेश किया गया।
केंद्र सरकार 2022-23 के लिए अपने आम बजट में जम्मू कश्मीर के लिए 35,581.44 करोड़ रुपये की घोषणा पहले ही कर चुकी है। जम्मू और श्रीनगर में प्रस्तावित मेट्रोलाइट रेल परियोजना के अलावा बठिंडा, जम्मू व श्रीनगर गैस पाइपलाइन, कीरू व कवार पन बिजली परियोजनाएं और शाहपुर कंडी और उज्ज परियोजनाएं मुख्य श्रेणी में शामिल हैं।
जम्मू-कश्मीर का बजट को संसद में क्यों पेश किया जा रहा है?
क्योंकि इस केंद्र शासित प्रदेश में कोई निर्वाचित सरकार नहीं है और इस समय विधानसभा नहीं है। इसकी अनुपस्थिति में जम्मू-कश्मीर विधानसभा की विधायी शक्तियां केंद्र सरकार के हाथों में निहित हैं।