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Telangana: खुद को आग लगाने वाले होमगार्ड की इलाज के दौरान मौत, विपक्ष ने सरकार पर लगाए हत्या के आरोप

Fri, 08 Sep 2023 04:12 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद

सार

रविंद्र 50 फीसदी तक जल गया था और बीते कई दिनों से अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। शुक्रवार को रविंद्र की इलाज के दौरान मौत हो गई। 
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होमगार्ड नागम रविंद्र की तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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बीते दिनों खुद को आग लगाने वाले ट्रैफिक होम गार्ड की शुक्रवार को इलाज के दौरान मौत हो गई है। होमगार्ड का एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। वहीं ट्रैफिक होमगार्ड की मौत पर राजनीति शुरू हो गई है और विपक्ष ने सरकार पर हत्या का आरोप लगाया है। तेलंगाना कांग्रेस के अध्यक्ष रेवंत रेड्डी ने उच्च अधिकारियों पर पीड़ित होमगार्ड के उत्पीड़न का आरोप लगाया है। 
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कई दिनों से अस्पताल में चल रहा था इलाज
बता दें कि ट्रैफिक होमगार्ड रविंद्र बीते मंगलवार को हैदराबाद के गोशामहल स्थित होमगार्ड कमांडेंट ऑफिस गया था। वहीं पर रविंद्र ने खुद को आग लगाकर जान देने की कोशिश की। राहगीरों ने इसकी सूचना पुलिस को दी तो रविंद्र को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। रविंद्र 50 फीसदी तक जल गया था और बीते कई दिनों से अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। शुक्रवार को रविंद्र की इलाज के दौरान मौत हो गई। 

पत्नी ने उच्च अधिकारियों पर लगाए आरोप
रविंद्र की पत्नी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि मंगलवार को उसके पति ने उसे फोन पर बताया था कि उसके दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और एक एएसआई ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया। ऐसी खबरें आ रही हैं कि होमगार्ड की सैलरी नहीं मिली थी और वह सैलरी लेने ऑफिस गया था। हालांकि पुलिस ने जांच के बाद इससे इनकार किया है। वहीं भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने आरोप लगाया कि राज्य की बीआरएस सरकार अपने वादों को पूरा करने में नाकाम रही है। सरकार ने होमगार्ड्स के कार्यस्थल के हालात बेहतर करने का वादा किया था लेकिन सरकार ने वादा पूरा नहीं किया। 
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होमगार्ड की मौत पर राजनीति शुरू
किशन रेड्डी ने होमगार्ड्स से ऐसे जानलेवा कदम ना उठाने की अपील की। वहीं रेवंत रेड्डी ने आरोप लगाया कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि राज्य सरकार द्वारा की गई हत्या है। सराकर होमगार्ड्स को सैलरी नहीं दे रही है और उनकी सैलरी पांच महीने से अटकी पड़ी है। रेवंत रेड्डी ने आरोपी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और उसके परिजन को सरकारी नौकरी और 25 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की अपील की। 
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