तेलंगाना में पानी को लेकर सियासत गरमा गई है। दरअसल बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य में पानी की किल्लत के लिए कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। केटी रामाराव ने कहा कि 'नवंबर-दिसंबर 2023 में चुनाव के दौरान हमने साफ कहा था कि केसीआर मतलब पानी और कांग्रेस मतलब आंसू।'
बीआरएस ने कांग्रेस सरकार पर लगाए आरोप
केटी रामाराव ने कहा कि 'आज शहर में जगह-जगह पानी के टैंक दिख रहे हैं। पानी की कमी प्राकृतिक कारणों से नहीं हुई है बल्कि कांग्रेस की अक्षमता के कारण हुई है। यह पानी की कृत्रिम किल्लत है, जो कांग्रेस की वजह से हुई है।' बीआरएस नेता ने कहा कि रेवंत रेड्डी सरकार ने कृष्णा रिवर मैनेजमेंट बोर्ड को प्रोजेक्ट दिए हैं। ऐसे में अगर हमें पानी की जरूरत होगी तो हमें दिल्ली के आगे हाथ फैलाने होंगे। वे ऐसे दिखा रहे हैं कि कलेश्वरम एक असफल प्रोजेक्ट है, लेकिन जब केसीआर सूर्यापेट गए तो तब गायत्री पंप हाउस कैसे चालू हो गया?
जल संकट से जूझ रहा हैदराबाद
केटी रामाराव ने सवाल उठाते हुए कहा कि 'जब जलाश्यों में पानी था तो इसे क्यों छिपाया गया? यहां तक कि कलेश्वरम में भी पानी है तो फिर फसलों को क्यों सूखने दिया जा रहा है? आप पानी क्यों नहीं छोड़ रहे हैं?' दरअसल तेलंगाना का हैदराबाद शहर इन दिनों पानी के संकट से जूझ रहा है क्योंकि राज्य के अधिकतर जलाश्य लगभग सूख चुके हैं और बारिश की कमी ने हालात को और खराब कर दिया है। पानी की कमी के चलते किसान रबी की फसल की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं और फसल के सूखने का खतरा है। इससे राज्य में सूखे जैसे हालात पैदा हो गए हैं।