पश्चिम बंगाल की ममता सरकार द्वारा किए गए तबादलों के विरोध में जहर खाने वाले संविदा शिक्षकों के एक संगठन की पांच महिला सदस्यों समेत कई ने रविवार को सत्तारूढ़ दल का दामन थाम लिया। इन शिक्षकों ने सीएम ममता बनर्जी के घर के बाहर पानी में खड़े होकर प्रदर्शन किया था।
'शिक्षक एक्या मुक्त मंच' के इन सदस्यों के तृणमूल में शामिल होने पर राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु ने दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर में आयोजित कए कार्यक्रम में स्वागत किया। मंच के पांच संविदा शिक्षकों ने अगस्त माह में कथित तौर पर उस वक्त जहर खा लिया था, तब वे अपने तबादलों के विरोध में कोलकाता के साल्ट लेक इलाके में स्थित शिक्षा विभाग के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। उनका आरोप था कि ममता सरकार ने उनके तबादले सुदूर जिलों में कर दिए हैं।
इन शिक्षकों ने यह भी आरोप लगाया था कि उनके तबादले इसलिए किए गए, क्योंकि उन्होंने अपने वेतन में बढ़ोतरी को लेकर पहले भी आंदोलन में हिस्सा लिया था। संगठन के कई सदस्यों ने पूर्व में मंत्रियों के घरों के सामने और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित घर के पीछे एक नहर में खड़े होकर और हाथों में तख्तियां लेकर भी प्रदर्शन किया था।
शिक्षक संगठन के नेता मोइदुल इस्लाम ने बताया कि राज्य सरकार ने उन्हें आश्वस्त किया कि वह उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी। राज्य सरकार ने इस्लाम के खिलाफ आत्म हत्या के प्रेरित करने का केस दर्ज किया था।
केंद्र की नीति को बताया शिक्षकों के खिलाफ
इस्लाम ने आरोप लगाया कि केंद्र की शिक्षा नीति शिक्षकों के ज्यादा खिलाफ है, इसलिए हमने तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने व केंद्र का विरोध करने का फैसला किया है।