मुंबई सहित निकाय चुनावों से पहले महाराष्ट्र भाजपा नेता कृपाशंकर सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर राज्य के स्कूलों में मराठी को वैकल्पिक भाषा के रूप में पेश करने की मांग की है। सिंह ने 4 जून को लिखे एक पत्र में कहा कि मराठी सीखने से राज्य सरकार सहित महाराष्ट्र में यूपी के छात्रों की नौकरी की संभावनाएं बेहतर होंगी। महाराष्ट्र भाजपा उपाध्यक्ष सिंह ने कहा कि अगर माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में मराठी को वैकल्पिक भाषा बना दिया जाता है तो इससे छात्रों को महाराष्ट्र में बेहतर रोजगार मिल सकता है। मैं आपसे उत्तर प्रदेश के स्कूलों में मराठी को वैकल्पिक भाषा के रूप में शामिल करने का अनुरोध करता हूं।
कांग्रेस सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य किया
कृपाशंकर सिंह ने 2004 में महाराष्ट्र में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य किया था। उन्होंने कहा, मैं पिछले 50 वर्षों से महाराष्ट्र में रह रहा हूं। अपने कार्यकाल के दौरान मैंने देखा कि जब छात्र (यूपी से) महाराष्ट्र आते हैं, तो उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। मराठी भाषा के ज्ञान की कमी के कारण समस्याएं होती हैं। साथ ही राज्य सरकार या निगमों में कई रिक्तियां हैं जिमें मराठी भाषा का ज्ञान होना आवश्यक होता है। सिंह ने यह भी कहा कि वह उत्तर प्रदेश के साथ विशेष रूप से पूर्वांचल क्षेत्र के साथ अच्छे संबंध बनाए हुए हैं।
उन्होंने कहा, कई छात्र अपनी उच्च माध्यमिक परीक्षा पूरी करने के बाद नौकरी की तलाश में महाराष्ट्र चले जाते हैं, इसलिए मैंने (मराठी पढ़ाने का) यूपी के मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है। महाराष्ट्र में बृहन्मुंबई नगर निगम और अन्य नगर निकायों के चुनाव अगले कुछ महीनों में होने हैं। मुंबई और महानगरीय क्षेत्र के अधिकांश मतदाताओं की जड़ें उत्तर प्रदेश और बिहार में हैं।