तमिलनाडु में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासत में गर्माहट बढ़ गई है। चुनावी रण में राजनीतिक पार्टियों ने अपनी-अपनी तैयारियां भी तेज कर दी है। इसी चुनावी गहमागहमी के बीच तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के प्रमुख और अभिनेता दलपति विजय ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए सत्ताधारी दल डीएमके सरकार पर जमकर निशाना साधा। इसके साथ ही रैली के दौरान विजय ने मंच से लोगों को शपथ भी दिलाई।
विजय ने अपने संबोधन में लोगों से कहा कि मेरा वोट मेरा अधिकार है। कोई हमें खरीद नहीं सकता। हमारा वोट ‘सीटी’ के लिए है। बता दें कि यहां ‘सीटी’ उनकी पार्टी का चुनाव चिन्ह है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने वोट का सही इस्तेमाल करें और किसी के बहकावे में न आएं।
एसओपी का मतलब स्टालिन ऑपरेटिंग प्रोसीजर- विजय
इसके साथ ही विजय ने अपने संबोधन में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर निशाना भी साधा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मेरे लिए एसओपी का मतलब है स्टालिन ऑपरेटिंग प्रोसीजर है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय लोगों को पैसे बांटे जाते हैं। विजय ने कहा कि अगर कोई हजारों रुपये देने आए तो वह पैसा ले लें, क्योंकि वह आपका ही पैसा है। लेकिन पैसा लेने के बाद वोट अपनी मर्जी से दीजिए और ऐसे लोगों को ‘सीटी बजाकर’ विदा कर दीजिए।
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अनुभव पर उठे सवालों का जवाब
अपने राजनीतिक अनुभव को लेकर उठ रहे सवालों पर विजय ने कहा कि जो लोग मेरे अनुभव पर सवाल उठा रहे हैं, उनके पास घोटाले करने के अलावा कौन-सा अनुभव है? हां, हमारे पास अनुभव नहीं है... हमें लूट का अनुभव नहीं है। इसके साथ ही विजय ने ‘कलैग्नर महिला अधिकार योजना’ को लेकर भी राज्य सरकार से तीखे सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि महिलाओं को मिलने वाली ‘कलैग्नर महिला अधिकार योजना’ की राशि, जो हर महीने की 15 तारीख को आती है, उसे इस बार 13 तारीख को ही क्यों जारी किया गया?
'महिलाओं का समर्थन देख डर गई डीएमके'
उन्होंने पूछा कि अचानक ₹2000 का 'समर स्पेशल पैकेज' क्यों घोषित किया गया? उन्होंने तंज करते हुए कहा कि क्या गर्मी सिर्फ इसी साल आई है? विजय ने दावा किया कि उनकी पार्टी को खासकर महिलाओं का बड़ा समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि ‘सीटी’ चुनाव चिन्ह के समर्थन में महिलाओं की बढ़ती आवाज से डीएमके डर गई है। उनका कहना है कि इसी डर की वजह से सरकार ने जल्दी पैसा जारी किया। विजय ने खुद को जनता की ताकत बताते हुए कहा कि अब डीएमके टीवीके को अपना असली राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी मान रही है।
महिलाओं के लिए स्टालिन की घोषणाएं
इससे पहले मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने ऐलान किया कि कलैग्नर महिला अधिकार योजना के तहत फरवरी, मार्च और अप्रैल की ₹1000-₹1000 की किस्त अग्रिम रूप से जारी की गई है। इसके साथ ₹2000 का अतिरिक्त 'समर स्पेशल पैकेज' भी दिया गया है। इस तरह कुल ₹5000 की राशि इस महीने 1.31 करोड़ महिलाओं के खातों में डाली गई है। स्टालिन ने कहा कि कुछ लोग चुनाव का हवाला देकर योजना रोकने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उनकी सरकार ने पहले ही पैसा जारी कर दिया ताकि महिलाओं को कोई परेशानी न हो। उन्होंने यह भी वादा किया कि अगर दोबारा सत्ता में आए तो “ड्रविड़ियन मॉडल 2.0” के तहत मासिक सहायता ₹1000 से बढ़ाकर ₹2000 कर दी जाएगी।
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तमिलनाडु विधानसभा एक नजर
गौरतलब है कि 234 सीटों वाली तमिलनाडु विधानसभा के चुनाव 2026 की पहली छमाही में होने हैं। 2021 के चुनाव में डीएमके ने 133 सीटें जीती थीं और सहयोगियों के साथ मिलकर सरकार बनाई थी। वहीं एआईएडीएमके को 66 सीटें मिली थीं। फिलहाल सलेम के सीलनायक्कनपट्टी में विजय की पार्टी की बड़ी चुनावी सभा कड़ी सुरक्षा के बीच हो रही है, जहां वे 4,998 लोगों को संबोधित कर रहे हैं। चुनाव नजदीक आते ही राज्य की राजनीति और गर्म होने के संकेत मिल रहे हैं।
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