मद्रास हाईकोर्ट ने भाजपा को कोयंबटूर में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बाइक रैली निकालने की इजाजत दे दी है। मद्रास हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति जी जयचंद्रन ने तमिलनाडु के डीजीपी को निर्देश दिया कि वह किसी भी कार, बाइक, साइकिल या पैदल रैली को, जिनमें राष्ट्रीय ध्वज लहराया जा रहा हो, उन्हें न रोकें, जब तक कि रैली में राष्ट्रीय ध्वज का अपमान न किया जा रहा हो।
मद्रास हाईकोर्ट ने शर्त भी लगाई
मद्रास हाईकोर्ट ने रैली को इजाजत देते हुए एक शर्त भी लगाई। हाईकोर्ट ने कहा है कि रैली में राष्ट्रीय ध्वज के अलावा कोई और ध्वज नहीं फहराया जाएगा। न्यायमूर्ति जी जयचंद्रन ने भाजपा युवा मोर्चा के कोयंबटूर जिला सचिव ए कृष्ण प्रसाद द्वारा दायर याचिका पर आदेश पारित करते हुए यह निर्देश दिया। याचिका में कोवई उत्तर के पुलिस उपायुक्त के उस आदेश को रद्द करने की मांग की गई थी, जिसमें याचिकाकर्ता को 15 अगस्त को पश्चिमी तमिलनाडु के इस शहर में चार स्थानों पर लगभग 200 दोपहिया वाहनों के साथ राष्ट्रीय ध्वज रैली आयोजित करने की अनुमति देने से मना कर दिया गया था। याचिकाकर्ता का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ता आर सी पॉल कनगराज के अनुसार, न्यायालय का आदेश केवल कोयंबटूर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पूरे राज्य में लागू होगा।
आदेश में क्या कहा हाईकोर्ट ने
अपने आदेश में, न्यायाधीश ने कहा कि आयोजकों और प्रतिभागियों को राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करना चाहिए और आम जनता को बाधा या असुविधा पहुँचाए बिना सड़क से गुजरना चाहिए। उन्हें व्यवस्था भी बनाए रखनी चाहिए। उन्हें अधिकारियों को रैली में भाग लेने वाले संभावित लोगों की संख्या और मार्ग के बारे में सूचित करना होगा और पुलिस को सुरक्षा प्रदान करने के लिए रैली का समय भी बताना होगा। न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि अनुमति केवल स्वतंत्रता दिवस के लिए लागू होगी, किसी अन्य दिन के लिए नहीं।
अपनी याचिका में, कृष्ण प्रसाद ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस उन महत्वपूर्ण व्यक्तित्वों को याद करने के लिए मनाया जाता है जिन्होंने देश के लिए अपने जीवन, आत्मा और मन का बलिदान दिया और स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए संघर्ष किया। युवा पीढ़ी के बीच स्वतंत्रता के महत्व और इसे प्राप्त करने में शामिल स्वतंत्रता सेनानियों की भूमिका के बारे में जागरूकता पैदा करने के इरादे से रैली का आयोजन किया जा रहा है।