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Tamil Nadu: राज्यपाल के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर, मंत्री को बर्खास्त करने पर घिरे गवर्नर

Sat, 01 Jul 2023 01:58 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई

सार

राज्यपाल के आदेश के खिलाफ मद्रास हाईकोर्ट में एक रिट याचिका दायर हुई है। यह याचिका देसिया मक्कल सकती काची के अध्यक्ष और सामाजिक कार्यकर्ता एमएल रवि ने दायर की है। 
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मद्रास हाईकोर्ट
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विस्तार
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तमिलनाडु के राज्यपाल हाल ही में राज्य के मंत्री सेंथिल बालाजी को बर्खास्त करने के बाद से सरकार के निशाने पर हैं। अब राज्यपाल के आदेश के खिलाफ मद्रास हाईकोर्ट में एक रिट याचिका दायर हुई है। यह याचिका देसिया मक्कल सकती काची के अध्यक्ष और सामाजिक कार्यकर्ता एमएल रवि ने दायर की है। बता दें कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन भी राज्यपाल के फैसले के खिलाफ कोर्ट जाने की बात कह चुके हैं।
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क्या है पूरा विवाद
बता दें कि तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि ने बीते गुरुवार को एक आदेश जारी कर भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे राज्य सरकार के मंत्री सेंथिल बालाजी को तत्काल प्रभाव से कैबिनेट से बर्खास्त कर दिया था। सेंथिल बालाजी नौकरी के बदले पैसे लेने और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों का सामना कर रहे हैं और फिलहाल ईडी ने उन्हें गिरफ्तार किया है लेकिन वह छाती में दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती हैं। राज्यपाल के फैसले के खिलाफ मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने मोर्चा खोल दिया और कहा कि राज्यपाल के पास किसी मंत्री को कैबिनेट से हटाने की शक्ति नहीं है। सीएम ने इस फैसले के खिलाफ कोर्ट जाने की चेतावनी दी। हालांकि बाद में राजभवन के सूत्रों ने बताया कि सेंथिल बालाजी की गिरफ्तारी को लेकर राज्यपाल अटॉर्नी जनरल की राय ले रहे हैं और जब तक कानूनी राय नहीं आती है तब तक बालाजी की बर्खास्तगी नहीं होगी। 

ये भी पढ़ें- Tamil Nadu: तमिलनाडु के राज्यपाल ने मंत्री को बर्खास्त करने का फैसला क्यों लिया, इसे लेकर संविधान में क्या है?
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रिट याचिका क्या होती है?
बता दें कि रिट याचिका एक लिखित आदेश होता है, जो हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट द्वारा किसी सरकार या सरकार की परिभाषा में आने वाली किसी अथॉरिटी को जारी किया जाता है। संविधान के अनुच्छेद 226 में हाईकोर्ट्स को रिट जारी करने का अधिकार दिया गया है। वहीं सुप्रीम कोर्ट को संविधान के आर्टिकल 32 के तहत रिट जारी करने की ताकत मिली हुई है। 
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