प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गैंगस्टर और अवैध तरीके से संपत्ति कब्जा करने वाले पीपीजीडी शंकर से जुड़ी 79 अचल संपत्तियों को अटैच किया है। इनकी कीमत करीब 25 करोड़ रुपये है। तमिलनाडु पुलिस हत्या, डकैती, लूट और आपराधिक साजिश मामलों में शंकर के खिलाफ 15 एफआईआर और तीन चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। ये अचल संपत्तियां चेन्नई में स्थित हैं।
ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (पीएमएलए) 2002 के तहत यह कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने तमिलनाडु पुलिस की एफआईआर के आधार पर पीएमएलए के तहत अपनी जांच शुरू की थी। छापे की कार्रवाई के दौरान ईडी ने प्रॉपर्टी से संबंधित कई दस्तावेज जब्त किए थे। साथ ही आरोपी और उसके सहयोगियों के कई बार बयान भी दर्ज किए। ईडी ने जांच के दौरान पीपीजीडी शंकर की विभिन्न बेनामी संपत्तियों का खुलासा किया। ये संपत्तियां उसने विभिन्न लोगों से फिरौती से मिली नगदी से खरीदी।
फिरौती से अर्जित रकम से खरीदी संपत्ति
ईडी ने बताया कि शंकर ने इन संपत्तियों की खरीद के लिए नगद भुगतान के कानूनी स्रोत के बारे में कोई जानकारी दी और जांच के दौरान स्वीकार किया कि 79 संपत्तियों की खरीद में इस्तेमाल पैसा कानूनी धंधे से नहीं कमाया गया, बल्कि यह रकम विभिन्न लोगों से जबरन वसूली से कमाई गई।
पावर ऑफ अटॉर्नी कराकर संपत्तियां अपने नाम करता था
अपराध को अंजाम देने के लिए उसने नया तरीका अपनाया था। वह जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी कराकर संपत्तियों को अपने नाम करता था और आधिकारिक दस्तावेज में इनका मालिकाना हक बेनामी नामों से रखता था। जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी का इस्तेमाल सेल डीड्स के विकल्प के तौर पर किया जाता था। वह इन संपत्तियों के लिए भुगतान तो करता था लेकिन अपने नाम पर पंजीकरण नहीं कराता था। ऐसा वह बचने के लिए करता था क्योंकि उसके खिलाफ कई मामले दर्ज थे।