भाजपा सरकार ने अब तक सेतुसमुद्रम परियोजना के केवल एक जलमार्ग की योजना बनाई है। तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इस जलमार्ग को विकसित करने के लिए धन आवंटित किया था। राजनीतिक कारणों से भाजपा ने सेतुसमुद्रम परियोजना का विरोध किया था।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने बृहस्पतिवार को सेतुसमुद्रम परियोजना पर विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित किया। उन्होंने कहा, सेतुसमुद्रम परियोजना से 50,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। यह कलाईनार (करुणानिधि) का ड्रीम प्रोजेक्ट है।
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स्टालिन ने कहा, भाजपा सरकार ने अब तक सेतुसमुद्रम परियोजना के केवल एक जलमार्ग की योजना बनाई है। तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इस जलमार्ग को विकसित करने के लिए धन आवंटित किया था। राजनीतिक कारणों से भाजपा ने सेतुसमुद्रम परियोजना का विरोध किया था। सीएम जयललिता सेतुसमुद्रम परियोजना के पक्ष में थीं, लेकिन अचानक उन्होंने भी अपना रुख बदल लिया था और परियोजना के खिलाफ मामला दायर कर दिया था।
हम परियोजना के विरोध में कभी नहीं रहे : जहां एक ओर सीएम ने भाजपा पर परियोजना को विफल करने के प्रयासों का आरोप लगाया, वहीं भाजपा विधायक नयनार नागेंद्रन ने कहा, यदि रामसेतु को नुकसान पहुंचाए बिना परियोजना को क्रियान्वित किया जा सकता है, तो हम इसके लिए तैयार हैं। हमें पर्यावरणीय प्रभावों को भी ध्यान में रखना होगा। उन्होंने कहा, केंद्र सरकार संसद में सेतुसमुद्रम परियोजना को लागू करने का विवरण पहले ही साझा कर चुकी है।