तमिलनाडु के कल्लाकुरिची में जहरीली शराब पीने से हुई 53 लोगों की मौत के बाद से आबकारी मंत्री के इस्तीफे की मांग की जा रही है। भाजपा इसके लिए सीबीआई जांच की मांग कर रही है, वहीं दूसरी ओर भाजपा का आरोप है कि डीएमके दोषियों को बचा रही है।
भारतीय जनता पार्टी ने तमिलनाडु में जहरीली शराब पीने की घटना को लेकर सत्तारूढ़ डीएमके को घेरना शुरू कर दिया है। बता दें कि 19 जून को जहरीली शराब पीने कल्लाकुरिची के 193 लोगों की हालत खराब हुई थी। उन्हें अस्पताल ले जाया गया था, जहां इलाज के दौरान 53 लोगों की मौत हो गई। शेष लोगों का इलाज अभी चल रहा है। हालांकि इसमें 7 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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वहीं भाजपा का आरोप है कि सत्तारूढ़ डीएमके आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने इस घटना के लिए राज्य के मद्य निषेध एवं आबकारी मंत्री एस मुथुसामी के तत्काल इस्तीफे की मांग की। साथ ही इस घटना की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की भी मांग की।
एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इन मौतों को "राज्य प्रायोजित हत्या" बताया। उन्होंने सत्तारूढ़ डीएमके को इस त्रासदी के लिए "पूरी तरह जिम्मेदार" ठहराया। पूनावाला ने कहा, "अब तक 53 लोगों की मौत हो चुकी है और उनमें से अधिकांश अनुसूचित जाति के थे। राज्य प्रायोजित इस हत्या पर कार्रवाई करने के बजाय, डीएमके इस जघन्य अपराध के खलनायकों को बचा रही है।" राज्य में पहले भी हुई इस तरह की घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि शराब माफिया और डीएमके नेताओं के बीच सांठगांठ है और इसकी सीबीआई जांच की मांग की।
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शहजाद पूनावाला ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) को घटना का संज्ञान लेना चाहिए। उन्हें तमिलनाडु सरकार और राज्य पुलिस प्रमुख को नोटिस जारी कर पूछना चाहिए कि मौतों के लिए कौन जिम्मेदार है। उन्होंने कहा, "भाजपा घटना की निष्पक्ष जांच के लिए तमिलनाडु के मद्य निषेध एवं आबकारी मंत्री मुथुसामी के तत्काल इस्तीफे की मांग करती है।"
कांग्रेस पर भी साधा निशाना
उन्होंने पूछा कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन जांच सीबीआई को क्यों नहीं सौंप रहे हैं? पूनावाला ने इस मुद्दे पर कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक के अन्य घटकों की "चुप्पी" को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, "(कांग्रेस नेता) राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा, जिन्होंने (लोकसभा) चुनाव के दौरान दलितों और दक्षिण भारत के बारे में अनगिनत बार बात की, उन्होंने इस मुद्दे पर एक शब्द भी नहीं कहा। इसका मतलब है कि दक्षिण भारत और अनुसूचित जातियों के लोगों के लिए उनकी चिंता दिखावटी है।" भाजपा के एक अन्य प्रवक्ता अनिल एंटनी ने भी डीएमके और भारतीय राष्ट्रीय विकास समावेशी गठबंधन (इंडिया) पर जहरीली शराब त्रासदी को लेकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि तमिलनाडु सरकार की प्रतिक्रिया और कार्रवाई "सुस्त" है और शराब माफिया के साथ राज्य प्राधिकरण की "स्पष्ट मिलीभगत" को दर्शाती है।