केंद्र में मोदी सरकार 3.0 काबिज होने के बाद मंत्रियों ने अपना कामकाज संभाल लिया है। सरकार में टेलीकॉम मंत्रालय ज्योतिरादित्य सिंधिया को मिला है। वहीं, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय की जिम्मेदारी अश्विनी वैष्णव को मिली है। मंत्रियों ने कामकाज संभालने के बाद अब 100 दिन के एजेंडे पर काम करना शुरू कर दिया है।
टेलीकॉम विभाग अपने 100 दिनों के एजेंडे में प्राथमिकता के आधार पर स्पेक्ट्रम की सुचारू नीलामी सुनिश्चित करेगा। इसके अलावा टेलीकॉम एक्ट के नियमों जिसमें सैटेलाइट कम्युनिकेशन, कॉल और मैसेज इंटरसेप्शन और बायोमेट्रिक डाटा का स्टोरेज स्पष्ट होगा। टेलीकॉम विभाग के 100 दिनों के एजेंडे में टेलीकॉम नेटवर्क पर होने वाले फर्जीवाड़े को खत्म करना है। इसके लिए सरकार डाटा सेंटर, आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और सर्विलांस को मजबूत करेगी। इसके अलावा डिजिटल सहमति को अनिवार्य करने की व्यापक व्यवस्था, ताकि बिना उपभोक्ता की मर्जी के कॉल, मैसेज उसके फोन तक नहीं जाएं।
इधर, आईटी मंत्रालय के 100 दिनों के एजेंडा के तहत 30000 करोड़ की इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट स्कीम सब्सिडी को मंजूरी संभव है। सेमीकंडक्टर मिशन के तहत सभी तरह के सब्सिडी और अप्रूवल को तेजी से जारी करना मुख्य फोकस रहेगा। डिजिटल पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन नियमों को जारी किया जाएगा। सोशल मीडिया नेटवर्क को और जिम्मेदार बनाने के लिए नए नियम बनाए जाएंगे। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में सरकार इंडिया एआई को लॉन्च करेगी। हाल ही में सरकार ने एआई मिशन की समीक्षा भी की थी।
केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि डाटा सुरक्षा कानून के तहत नियमों का मसौदा तैयार करने का काम अंतिम चरण में है। उद्योग जगत से व्यापक परामर्श की प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन को दोगुना करने और नौकरियों के अवसर बढ़ाने की कोशिश करेगा। डिजिटल निजी डाटा संरक्षण (डीपीडीपी) अधिनियम को लागू करने की प्रक्रिया 'डिजाइन के द्वारा डिजिटल' के सिद्धांत पर आधारित होगी।