पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी
- फोटो : पीटीआई
पाकिस्तान ने अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तालिबान को वैधता दिलाने की कोशिशें तेज कर दी हैं। इसके लिए उसने अफगानिस्तान में जारी संकट पर चर्चा को नया जरिया बनाया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि अगले साल की शुरूआत में चीन में होने वाली तीसरी मंत्रीस्तरीय बैठक में अफगानिस्तान की तालिबान सरकार को न्योता दिया जाएगा।
विश्व समुदाय से की तालिबान सरकार को मान्यता देने की अपील
कुरैशी ने विश्व समुदाय से इस हकीकत को स्वीकार करने का अनुरोध किया कि अफगानिस्तान में युद्ध खत्म हो चुका है और एक कट्टरपंथी समूह सत्ता में है। पाकिस्तानी संसद की विदेश मामलों की समिति की एक बैठक में कुरैशी ने कहा कि काबुल पर अगस्त के मध्य में तालिबान के कब्जे के बाद पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के घटनाक्रमों पर पड़ोसी देशों के बीच विचार-विमर्श के लिए एक नया तंत्र बनाया है।
द डॉन अखबार ने बुधवार को कुरैशी के हवाले से कहा, ‘‘अफगानिस्तान की अंतरिम सरकार को भी उसके (अफगानिस्तान के) पड़ोसियों की अगली बैठक में न्योता दिया जाएगा। ’’ खबर में कहा गया है कि अगली बैठक चीन में होगी। हालांकि इसकी तारीखों को अंतिम रूप नहीं दिया गया है लेकिन इसके अगले साल की शुरूआत में होने की संभावना है।
कौन-कौन से देश में बैठक में होंगे शामिल?
बैठक के प्रारूप में रूस के अलावा चीन, ईरान, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान शामिल हैं। इससे पहले ट्रोइका प्लस वार्ता में तालिबान से सभी आतंकवादी संगठनों से संबंध तोड़ने का आह्वान किया गया। ट्रोइका प्लस की बैठक में तालिबान सरकार के साथ कैसे जुड़ना है, इस पर आम सहमति बनने की उम्मीद थी।