नौ जून को लगातार तीसरी बार नरेंद्र मोदी ने भारत के प्रधानमंत्री के पद के लिए शपथ ली। पीएम मोदी के साथ-साथ कई कैबिनेट और राज्य मंत्रियों ने भी पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। हालांकि, कैबिनेट में अजित पवार वाली एनसीपी के किसी भी नेता को कोई जगह नहीं मिली। इसको लेकर शरदचंद्र पवार वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की सांसद सुप्रिया सुले ने तंज कसा। उन्होंने सोमवार को कहा कि वह इस बात से हैरान नहीं हैं कि अजित पवार के पार्टी के किसी भी नेता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली।
किसानों का पूरा कर्ज माफ हो
एनसीपी के 25वें स्थापना दिवस पर पत्रकारों से बात करते हुए शरद पवार की बेटी और बारामती की सांसद ने कहा कि एनडीए मंत्रिमंडल की पहली बैठक हो रही है। उन्हें किसानों का पूरा कर्ज माफ करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, 'यूपीए के दौरान एनसीपी ने मनमोहन सिंह सरकार में सहयोगी के तौर पर काम किया था। मनमोहन जी ने पवार साहब के प्रति प्रेम और भरोसा दिखाया और उन्हे कैबिनेट मंत्री पद मिला जबकि पार्टी के पास उस समय केवल आठ या नौ सांसद थे।'
कांग्रेस ने संख्या के बारे में नहीं सोचा
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने संख्या के बारे में नहीं सोचा और अपनी पार्टी को सहयोगी के रूप में सम्मान दिया। सुले ने आगे कहा कि महा विकास अघाड़ी सरकार में भी सभी ने एक दूसरे को एक बराबर सम्मान दिया। हम किसी फॉर्मूले पर नहीं डटे रहे। हमारा रिश्ता आपसी सम्मान और योग्यता पर आधारित था।
कोई हैरानी नहीं...
सांसद ने कहा कि उन्हें इस बात पर कोई हैरानी नहीं है कि एनसीपी को नए मंत्रिमंडल में कोई जगह नहीं मिली। उन्होंने कहा, 'मैंने देखा है कि पिछले 10 साल में उन्होंने (भाजपा) अपने सहयोगियों के साथ कैसा व्यवहार किया। उनका दृष्टिकोण समान व्यवहार का नहीं है।'
अजित ने की थी कैबिनेट की मांग
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को कहा था कि एनसीपी मोदी सरकार में कैबिनेट में जगह चाहती है और उसने भाजपा के स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री की पेशकश ठुकरा दी थी। अजित पवार ने जोर देकर कहा था कि एनसीपी इंतजार करने के लिए तैयार थी, लेकिन वह कैबिनेट में जगह चाहती थी।
महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल अजित पवार वाली एनसीपी, भाजपा और शिंदे शिवसेना ने लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन किया और चार सीटों में से सिर्फ एक सीट जीती। एनसीपी बारामती में भी हार गई।
एनडीए की पहली कैबिनेट बैठक के बारे में पूछे जाने पर सुप्रिया ने कहा कि सरकार को किसानों का पूर्ण कर्ज माफ करना चाहिए। उन्होंने कहा, 'मुझे उम्मीद है कि वे इस देश को एक स्थिर सरकार देंगे।'