फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Supreme Court: ओवैसी वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, बिल को असांविधानिक करार देने की अपील

Fri, 04 Apr 2025 05:15 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

वक्फ संशोधन विधेयक संसद से पारित होने के बाद अब इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का सिलसिला शुरू हो गया है। हैदराबाद और बिहार से निर्वाचित सांसदों ने सुप्रीम कोर्ट में इस प्रस्तावित कानून के खिलाफ याचिका दाखिल किए जाने की खबर है। 
विज्ञापन
वक्फ कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बिहार की किशनगंज लोकसभा सीट से निर्वाचित लोकसभा सांसद मोहम्मद जावेद ने वक्फ संशोधन विधेयक को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। संसद के दोनों सदनों से विधेयक पारित होने के बाद सांसद जावेद ने देश की सबसे बड़ी अदालत का दरवाजा खटखटाया और इस विधेयक को असांविधानिक करार देने की अपील की। जावेद के अलावा तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से चुन कर आने वाले सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी सुप्रीम कोर्ट में इस प्रस्तावित कानून को चुनौती दे रहे हैं।
विज्ञापन




लोकसभा में भी मुखर विरोध किया
ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुस मुस्लिमीन के सांसद ओवैसी ने लोकसभा में इस विधेयक पर लगभग 12 घंटे लंबी चर्चा के दौरान भी इस विधेयक का पुरजोर विरोध किया था। ओवैसी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जिक्र करते हुए इस विधेयक के विरोध में प्रतीकात्मक रूप से बिल की प्रति फाड़ने की बात कही थी।

ये भी पढ़ें- Waqf Bill Protest: संसद से वक्फ बिल पारित होने के बाद आक्रोश; अहमदाबाद-कोलकाता समेत कई शहरों में प्रदर्शन
विज्ञापन


संसद से कब पारित हुए विधेयक
गौरतलब है कि लोकसभा से वक्फ संशोधन विधेयक, 2025 तीन अप्रैल को पारित हुआ। दो अप्रैल को चर्चा की शुरुआत के बाद लगभग 12 घंटे की चर्चा हुई। देर रात विधेयक और इसमें प्रस्तावित संशोधनों पर वोटिंग के बाद लोकसभा से यह विधेयक देर रात 1.56 बजे पारित हुआ। इसके समर्थन में 288 वोट पड़े, जबकि विपक्ष में 232 वोट डाले गए।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- Waqf Bill: खरगे की गृह मंत्री से अपील- गलतियों को सुधारने में हर्ज नहीं, प्रतिष्ठा का विषय न बनाए सरकार

अगले दिन यानी चार अप्रैल को राज्यसभा में विधेयक पारित हुआ। राज्यसभा में तीन अप्रैल को इस विधेयक पर चर्चा की शुरुआत हुई। देर रात 2.32 बजे राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने विधेयक पारित होने की घोषणा की। राज्यसभा में इस विधेयक को 128 सांसदों का समर्थन मिला, जबकि विरोध में 95 वोट डाले गए।

संबंधित वीडियो-
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें