सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के निदेशक एसके मिश्रा के कार्यकाल को बढाने के केंद्र सरकार के निर्णय को सही ठहराया। सुप्रीम कोर्ट ने हालांकि कहा कि केंद्र के पास यह शक्ति है लेकिन इसे केवल असाधारण मामलों में ही किया जाना चाहिए।
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न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव की अध्यक्षता वाली पीठ ने हालांकि यह स्पष्ट किया कि सेवानिवृत्ति की आयु में पहुंच चुके अधिकारियों के कार्यकाल में विस्तार दुर्लभ और अपवाद वाले मामलों में किया जाना चाहिए।
एनजीओ ‘कॉमन कॉज’ ने ईडी के निदेशक के तौर पर मिश्रा के, 2018 के नियुक्ति आदेश में पूर्व प्रभावी बदलाव को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी जिस पर यह फैसला आया है।
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भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी मिश्रा को 19 नवंबर 2018 में एक आदेश जारी कर दो साल की अवधि के लिए ईडी का निदेशक नियुक्त किया गया और बाद में 13 नवंबर 2020 को एक आदेश के जरिए केंद्र सरकार ने नियुक्ति पत्र में पूर्व प्रभावी बदलाव किया और उनके दो साल के कार्यकाल को बढ़ाकर तीन साल कर दिया गया।