फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट: दो वकीलों को सुनाई गई कर्नाटक हाई कोर्ट की सजा रद्द, अजीम प्रेमजी के खिलाफ दायर किए थे कई मामले

Tue, 15 Mar 2022 09:38 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कर्नाटक हाईकोर्ट ने विप्रो के पूर्व चेयरमैन अजीम प्रेमजी के खिलाफ कई याचिकाएं दाखिल करने पर दो वकीलों को अदालत की अवमानना का दोषी ठहराया था और सजा सुनाई थी।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : पीटीआई (फाइल)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कर्नाटक हाईकोर्ट की ओर से दो वकीलों को सुनाई गई दो महीने जेल की सजा के आदेश को रद्द कर दिया। हाईकोर्ट ने यह सजा विप्रो के पूर्व चेयरमैन अजीम प्रेमजी और उनके सहयोगियों के खिलाफ कई याचिकाएं दाखिल करने के लिए अदालत की अवमानना के लिए सुनाई थी। 

विज्ञापन


अधिवक्ता आर सुब्रमण्यम और पी सदानंद ने 'इंडिया अवेक फॉर ट्रांसपैरेंसी' नामक एक निजी कंपनी के जरिए प्रेमजी के खिलाफ 70 से अधिक याचिकाएं दायर की थीं। हाईकोर्ट ने दोनों को 14 जनवरी को अदालत की अवमानना के मामले में दोषी करार दिया था और दो-दो महीने कारावास की सजा सुनाई थी। 

न्यायाधीश एसके कौल और एमएम सुंदरेश की पीठ ने अधिवक्ता आर सुब्रमण्यम की इस दलील पर गौर किया कि वह दो सप्ताह के भीतर कर्नाटक हाई कोर्ट के समक्ष बिना शर्त माफी मांगेंगे। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रमण्यम के आचरण को देखने के लिए तीन साल के लिए उनकी सजा निलंबित कर दी।
विज्ञापन


पीठ ने कहा, हमें हाईकोर्ट का फैसला तथ्य और कानून पर सही है और हमें उसके गुण-दोष पर जरा भी संदेह नहीं है। लेकिन, अपीलकर्ता ने हमें सफलतापूर्वक ये समझाने की कोशिश की है कि वह एक अलग राह पर चलना चाहता है और उस पहली पर हमने आपराधिक अपीव व संबंधित मामलों पर ध्यान दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें