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सुप्रीम कोर्ट: स्पीकर के फैसले के खिलाफ उद्धव गुट की याचिका पर सुनवाई टली, शुक्रवार को सूचीबद्ध हो सकती है

Mon, 12 Feb 2024 06:20 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

महाराष्ट्र स्पीकर नार्वेकर के फैसले के खिलाफ उद्धव गुट की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम इसे सूचीबद्ध करेंगे। 
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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सोमवार को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ अयोग्यता याचिकाओं को खारिज करने के महाराष्ट्र स्पीकर के आदेश को चुनौती देने वाली उद्धव गुट की याचिका पर सुनवाई सुप्रीम कोर्ट ने टाल दी है। पीठ ने कहा कि समय की कमी के चलते आज इस मामले पर सुनवाई नहीं कर सकते हैं। पीठ ने संकेत दिए कि मामले की सुनवाई शुक्रवार को सूचीबद्ध होने की संभावना है। गौरतलब है कि पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने स्पीकर के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर शिंदे और उनके गुट के 38 विधायकों को नोटिस जारी किया था। 
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एकनाथ शिंदे गुट-उद्धव ठाकरे गुट में रार बरकरार
उद्धव ठाकरे गुट की ओर से वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि उन्हें जवाब दाखिल करने दीजिए, नोटिस पहले जारी किया गया था। सुनवाई के दौरान सीजेआई ने कहा कि हम इसे सूचीबद्ध करेंगे। इस बीच, शिंदे गुट की ओर से पेश वकील हरीश साल्वे ने कहा कि इस मुद्दे पर पहले ही एक याचिका बॉम्बे हाईकोर्ट में लंबित है। इसलिए दो अदालतों में एक साथ कार्यवाही नहीं चल सकती है। बता दें इससे पूर्व, पांच फरवरी को भी सीजेआई के नेतृत्व वाली पीठ ने ठाकरे गुट की याचिका को सूचीबद्ध करने पर विचार करने पर सहमति व्यक्त की थी। 

शिंदे गुट ने असंवैधानिक रूप से सत्ता हथिया ली- ठाकरे गुट
सुप्रीम कोर्ट ने 22 जनवरी को स्पीकर के आदेश को चुनौती देने वाली ठाकरे गुट की याचिका पर मुख्यमंत्री शिंदे और उनके समूह के अन्य सासंदों को नोटिस जारी किया था। उस वक्त कोर्ट ने इसे दो हफ्ते बाद सूचीबद्ध करने का आदेश दिया था। ठाकरे गुट ने आरोप लगाते हुए कहा कि सीएम एकनाथ शिंदे ने असंवैधानिक रूप से सत्ता हथिया ली। 
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स्पीकर के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
10 जनवरी को पारित अपने आदेश में स्पीकर नार्वेकर ने शिंदे सहित सत्तारूढ़ खेमे के 16 विधायकों को अयोग्य ठहराने की ठाकरे गुट की याचिका को भी खारिज कर दिया था। स्पीकर के आदेश को चुनौती देते हुए ठाकरे गुट ने दावा किया कि वे स्पष्ट रूप से गैरकानूनी हैं और दलबदल के नियमों के तहत सजा देने के बजाए वे उन्हें इनाम दे रहे हैं। 
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