न्यायिक विस्टा स्थापित करने की मांग वाली याचिका पर केंद्र को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को शीर्ष अदालत के मौजूदा परिसर के आसपास एक ‘न्यायिक विस्टा’ बनाने और देश भर की अदालतों में न्यायिक बुनियादी ढांचे को वित्त पोषित करने के लिए एक केंद्रीय प्राधिकरण के गठन को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है।
जस्टिस विनीत शरण और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की पीठ ने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के सचिव व वकील अर्धेंदुमौली कुमार प्रसाद द्वारा दायर याचिका पर केंद्र सरकार के कानून एवं न्याय मंत्रालय, आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालयों और सुप्रीम कोर्ट के महासचिव से जवाब मांगा है।
याचिका में कहा गया है कि न्यायिक विस्टा का निर्माण न्यायाधीशों, बार के सदस्यों, शीर्ष अदालत के अधिकारियों और अदालत परिसर में आने वाले वादियों के लिए बेहतर और सम्मानजनक कामकाजी परिस्थितियों तक पहुंच प्रदान करेगा।
याचिका में केंद्र को न्यायिक बुनियादी ढांचे के वित्तपोषण के लिए एक स्वतंत्र केंद्रीय प्राधिकरण का गठन करने का निर्देश देने की भी मांग की गई है। याचिका में आने वाले कई दशकों के लिए बार और बेंच की जरूरतों को पूरा करने के लिए न्यायपालिका के लिए बुनियादी ढांचा तैयार करने की मांग की गई है।
याचिकाकर्ता ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग सुविधा के साथ 45-50 कोर्ट रूम, वकीलों के लिए 5000 चैंबर, लगभग 10000 कारों के लिए भूमिगत मल्टी-लेवल पार्किंग समेत अन्य सुविधाओं के साथ एक बहु-स्तरीय परिसर की मांग की है।