छत्तीसगढ़ के निलंबित अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक गुरजिंदर सिंह ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट द्वारा आय से अधिक संपत्ति मामले में अंतरिम जमानत देने से इनकार करने के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। सीजेआई की पीठ ने कहा कि जमानत का कोई सवाल नहीं है।
चीफ जस्टिस एनवी रमण और जस्टिस कृष्ण मुरारी की पीठ ने छत्तीसगढ़ के निलंबित अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक गुरजिंदर पाल सिंह की याचिका पर प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया। साथ ही पीठ ने कहा, जब किसी पुलिस अधिकारी के संबंध सरकार के साथ अच्छे होते हैं तो सरकार बदलने पर उन्हें कीमत चुकानी पड़ती है।
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इस पर याचिकाकर्ता सिंह के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि जब सरकारें बदलती हैं तो चीजें भी बदल जाती हैं। जवाब में चीफ जस्टिस ने कहा कि वह भूल जाते हैं कि उन्होंने पहले क्या किया है?
गुरजिंदर सिंह ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट द्वारा आय से अधिक संपत्ति मामले में अंतरिम जमानत देने से इनकार करने के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। सीजेआई की पीठ ने कहा कि जमानत का कोई सवाल नहीं है। हालांकि पीठ ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया। अब इस मामले पर चार हफ्ते बाद सुनवाई होगी। इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने सिंह के खिलाफ जबरन वसूली के मामले में दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए देश में ‘नए चलन’ पर तीखी टिप्पणी की थी।
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि जब पुलिस अधिकारियों के सरकार से अच्छे संबंध होते हैं तो वह उगाही करते हैं लेकिन सरकार बदलने के बाद जब उन्हें आपराधिक मुकदमों का सामना करना पड़ता है तो वह संरक्षण मांगते हैं। सिंह को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा-13 (1) (बी) और 13 (2) और आईपीसी की धारा- 201, 467 और 471 के तहत दर्ज मामले में गिरफ्तार किया गया है।