सुप्रीम कोर्ट में साई ने कोरोना वायरस से संक्रमित रहे अपने पिता आसाराम की देखरेख करने के लिए फरलो की मांग की है। प्रदेश सरकार ने इसका विरोध करते हुए कहा कि आसाराम उपचार के बाद अब फिर से जेल में है। नारायण साई और उसके पिता आसाराम को दुष्कर्म के अलग-अलग मामलों में दोषी ठहराया जा चुका है
सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम के बेटे और दुष्कर्म के दोषी नारायण साई को दो हफ्ते की ‘फरलो’ दिए जाने के हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ गुजरात सरकार की याचिका पर शुक्रवार को फैसला सुरक्षित रख लिया। राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को कहा कि नारायण साई को फरलो नहीं दिया जाना चाहिए क्याेंकि वह जेल में रहते हुए भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है।
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साई ने कोरोना वायरस से संक्रमित रहे अपने पिता आसाराम की देखरेख करने के लिए फरलो की मांग की है। प्रदेश सरकार ने इसका विरोध करते हुए कहा कि आसाराम उपचार के बाद अब फिर से जेल में है। नारायण साई और उसके पिता आसाराम को दुष्कर्म के अलग-अलग मामलों में दोषी ठहराया जा चुका है तथा वे आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं।
जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस बीवी नागरत्ना की पीठ ने नारायण साई को दो सप्ताह की फरलो देने के हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ प्रदेश सरकार की अपील पर संबंधित पक्षों को सुना और कहा कि इस पर फैसला बाद में सुनाया जाएगा।