फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट: मेयर पद पर आरक्षण को लेकर खारिज किया हाईकोर्ट का फैसला

Fri, 03 Sep 2021 02:37 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

  • हाईकोर्ट की राय से असहमति जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि महाराष्ट्र में नगर निगमों की संख्या को देखते हुए यह संभव था कि अनुसूचित जाति आरक्षण की बारी आने से पहले मेयर पद पर ओबीसी आरक्षण की पुनरावृत्ति होगी
विज्ञापन
सर्वोच्च न्यायालय - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ द्वारा दिए गए उस फैसले को दरकिनार कर दिया है, जिसमें महाराष्ट्र सरकार के धुले नगर निगम में मेयर के पद को ओबीसी श्रेणी के उम्मीदवार के लिए आरक्षित करने संबंधी अधिसूचना को रद्द कर दिया गया था।

विज्ञापन


हाईकोर्ट ने इस साल सात मई को दिए अपने फैसले में कहा था कि अनुसूचित जाति के लिए आरक्षण दिए बिना ओबीसी आरक्षण दूसरे कार्यकाल के लिए दोहराया गया था, इसलिए यह रोटेशन की नीति का उल्लंघन है।

हाईकोर्ट की राय से असहमति जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि महाराष्ट्र में नगर निगमों की संख्या को देखते हुए यह संभव था कि अनुसूचित जाति आरक्षण की बारी आने से पहले मेयर पद पर ओबीसी आरक्षण की पुनरावृत्ति होगी। ऐसे में इसे रोटेशन नीति का उल्लंघन नहीं कहा जा सकता है।
विज्ञापन


जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस बीआर गवई की पीठ ने संविधान के अनुच्छेद 243 टी, महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम, 1949 की धारा-19 का हवाला देते हुए कहा कि हाईकोर्ट का आदेश सही नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें