सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में आरोपी सामाजिक कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज जमानत याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। सुधा भारद्वाज ने कोरोना महामारी के संकट को देखते हुए चिकित्सकीय आधार पर जमानत मांगी थी। इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी।
जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस अजय रस्तोगी की पीठ के समक्ष सुधा भारद्वाज की ओर से पेश वकील वृंदा ग्रोवर ने चिकित्सकीय आधार पर सुधा भारद्वाज को अंतरिम जमानत देने की गुहार की।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भारद्वाज पर आरोप निराधार हैं। लेकिन पीठ ने गौर किया कि भारद्वाज का इलाज चल रहा है। पीठ ने ग्रोवर से याचिका वापस लेने के लिए कहा और साथ ही यह भी कहा कि क्यों नहीं वह नियमित जमानत की याचिका दायर करती है।