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Sulli Deals: मास्टरमाइंड की याचिका पर यूपी, दिल्ली और महाराष्ट्र सरकार को नोटिस

Fri, 12 Aug 2022 07:32 PM IST
अजय सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र पुलिस को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है।
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सुल्ली डील्स एप बनाने के आरोपी ओंकारेश्वर ठाकुर की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने यूपी और महाराष्ट्र सरकार को नोटिस जारी किया है। ठाकुर ने सभी एफआईआर को साथ जोड़ने की मांग की है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अलग-अलग महिलाओं की फोटो डाल कर उनकी नीलामी की बात कही गई। हर केस अलग है। हमें संदेह है कि सभी केस साथ जोड़े जा सकते हैं।

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न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र पुलिस को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति कौल ने कहा कि नीलामी स्थल पर अपलोड की गई प्रत्येक महिला पीड़ित पक्ष है और ऐसी स्थिति में कई प्राथमिकी दर्ज की जा सकती हैं।

बेंच ने कहा, 'अलग-अलग अपराध हैं। एक सुल्ली डील है और दूसरी बुल्लीबाई है। क्या अलग-अलग अपराधों को जोड़ा जा सकता है? आपने कई महिलाओं की तस्वीरें अपलोड की हैं और प्रत्येक एक पीड़ित पक्ष है। आप कह रहे हैं कि इन्हें क्लब किया जाना चाहिए क्योंकि दोनों वेबसाइटें आपकी हैं? 
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पीठ ने ठाकुर की ओर से पेश वकील से पूछा, 'क्या आप कह सकते हैं कि वेबसाइट पर जो कुछ भी अपलोड किया जाता है वह एक प्राथमिकी तक ही सीमित होना चाहिए?' ठाकुर की ओर से पेश हुए वकील ने पीठ से कहा कि उनके मुवक्किल का नाम किसी प्राथमिकी में नहीं है और उन पर आरोप है कि उन्होंने वेबसाइट बनाने में मदद की।

ओंकारेश्वर ठाकुर पर पिछले साल दिल्ली, नोएडा और मुंबई में तीन प्राथमिकी दर्ज है। ठाकुर पर आरोप है कि उसने मुस्लिम महिलाओं को कथित रूप से लक्षित करने और उनकी सहमति के बिना उनकी तस्वीर एप के माध्यम से अपलोड किया।

बाड़मेर तेल क्षेत्र मामले में वेदांत की अपील पर केंद्र व ओएनजीसी को नोटिस
वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राजस्थान के बाड़मेर तेल क्षेत्र से तेल का उत्पादन करने के लिए वेदांत और ओएनजीसी के उत्पादन साझा अनुबंध (पीएससी) से संबंधित दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ वेदांत लिमिटेड की अपील पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। वेदांत लिमिटेड ने दिल्ली हाईकोर्ट की एक खंडपीठ के 26 मार्च के फैसले के खिलाफ शीर्ष अदालत का रुख किया है। खंडपीठ ने केंद्र को 2030 तक वेदांत लिमिटेड और ओएनजीसी के साथ बाड़मेर तेल क्षेत्र से तेल का उत्पादन करने का निर्देश देने के एकलपीठ के आदेश को दरकिनार कर दिया था।

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