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SC: सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से कहा, मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की याचिका पर तत्काल करें सुनवाई

Fri, 01 Dec 2023 03:17 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्यपाल के पास तीन विकल्प हैं या तो वह लंबित विधेयकों को अपनी मंजूरी दें। या फिर विधेयकों को मंजूरी ना दें या विधेयकों को राष्ट्रपति के पास भेजें। सुप्रीम कोर्ट ने मामले को स्थगित कर दिया है। 
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से कहा है कि वह मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की याचिका को तुरंत सूचीबद्ध कर सुनवाई करें। बता दें कि मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी ने उत्तर प्रदेश सरकार के जमीन संबंधी फैसले के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। बता दें कि मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन को उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने नियंत्रण में लेने का फैसला किया है। सरकार के इस फैसले के खिलाफ यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। बता दें कि मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी का संचालन करने वाली ट्रस्ट के अध्यक्ष समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान हैं। 
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तमिलनाडु सरकार की राज्यपाल के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सलाह दी है कि राज्यपाल खुद इस मामले पर विचार करें। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्यपाल, मुख्यमंत्री के साथ बैठकर लंबित विधेयकों वाले इस मसले को सुलझाएं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्यपाल के पास तीन विकल्प हैं या तो वह लंबित विधेयकों को अपनी मंजूरी दें। या फिर विधेयकों को मंजूरी ना दें या विधेयकों को राष्ट्रपति के पास भेजें। सुप्रीम कोर्ट ने मामले को स्थगित कर दिया है। 

बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र बढ़ना, पंजाब पुलिस की शक्तियों पर अतिक्रमण नहीं- सुप्रीम कोर्ट

गश्त करते बीएसएफ के जवान - फोटो : पीटीआई
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) द्वारा तलाशी, जब्ती और गिरफ्तारी का अधिकार क्षेत्र 15 किलोमीटर से बढ़ाकर अंतरराष्ट्रीय सीमा से 50 किलोमीटर दूर तक करने के केंद्र सरकार के फैसले से पंजाब पुलिस की शक्तियों पर अतिक्रमण नहीं हुआ है। मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस जेपी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने पंजाब सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की।

कोर्ट ने कहा कि, 'दोनों पक्ष आपस में विचार-विमर्श कर लें ताकि अगली तारीख से पहले इन्हें निपटाया जा सके।' बता दें कि केंद्र सरकार का पक्ष सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने रखा। वहीं पंजाब सरकार की तरफ से वकील शादान फरासात सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में शामिल हुए। पीठ ने कहा कि ऐसे समवर्ती अधिकार हैं, जिनका इस्तेमाल बीएसएफ और राज्य पुलिस दोनों कर सकते हैं। पीठ ने कहा कि पंजाब पुलिस से जांच का अधिकार नहीं लिया गया है। पीठ ने कहा कि बीएसएफ को ऐसे अधिकार सभी सीमावर्ती राज्यों में हासिल हैं। 

गांधी परिवार के आयकर आकलन मामले की सुनवाई टली
सुप्रीम कोर्ट ने आज कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ-साथ आम आदमी पार्टी (आप) द्वारा दायर उन याचिकाओं पर सुनवाई 13 दिसंबर तक के लिए स्थगित कर दी, जिसमें उनके आयकर आकलन को सेंट्रल सर्कल में स्थानांतरित करने को चुनौती दी गई थी। जस्टिस संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि उन्हें राहत देने से इनकार करने के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ उनकी याचिकाओं पर अभी नोटिस जारी किया जाना बाकी है।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि इस मामले में औपचारिक नोटिस जारी करना आवश्यक नहीं है। इसमें संजय गांधी मेमोरियल ट्रस्ट, राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट और राजीव गांधी फाउंडेशन, जवाहर भवन ट्रस्ट और यंग इंडियन की इसी तरह की याचिकाएं शामिल हैं। अदालत ने पहले संकेत दिया था कि आयकर विभाग कोई अंतिम आकलन आदेश पारित नहीं करेगा।

मानव अंगों व ऊतकों के प्रत्यारोपण नियम, 2014 के प्रावधानों को चुनौती याचिका पर होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट मानव अंगों और ऊतकों के प्रत्यारोपण नियम, 2014 के प्रावधानों की वैधता को चुनौती देने वाली एक याचिका पर सुनवाई करने के लिए सहमत हो गया। नियम के तहत शव दाता के अंगों या ऊतकों को निकालने से पहले उसके निकट रिश्तेदार या शरीर पर वैध कब्जा रखने वाले व्यक्ति की सहमति की आवश्यकता होती है। याचिका में कहा गया है कि नियमों के अनुसार, मृत देहदाता की ओर से अपने जीवनकाल के दौरान वैध प्राधिकरण प्रदान करने के बावजूद सहमति की आवश्यकता थी।

जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस सुधांशु धूलिया की पीठ के समक्ष यह याचिका सुनवाई के लिए आई। पीठ ने नोटिस जारी कर केंद्र और राष्ट्रीय अंग व ऊतक प्रत्यारोपण संगठन से जवाब मांगा है।

अदाणी समूह पर लेख: सुप्रीम कोर्ट ने चार पत्रकारों को गिरफ्तारी से संरक्षण दिया 
अदाणी समूह पर प्रकाशित लेख को लेकर गुजरात पुलिस द्वारा चार पत्रकारों को समन जारी किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने इन पत्रकारों की गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण की अवधि शुक्रवार तक बढ़ा दी। जस्टिस हृषिकेश रॉय और जस्टिस संजय करोल की पीठ ने गुजरात सरकार से उनकी याचिकाओं पर एक सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। शीर्ष कोर्ट रवि नायर, आनंद मंगनेले, बेंजामिन निकोलस ब्रुक पार्किन और क्लो नीना कॉर्निश द्वारा समन के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।
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कुलपतियों की नियुक्ति के लिए एजी को दखल देने का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल (एजी) आर वेंकटरमणी से कहा कि वह पश्चिम बंगाल के कई सरकारी विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की सौहार्दपूर्ण नियुक्ति के लिए अपने पद का इस्तेमाल करें। शीर्ष कोर्ट की ओर से एजी को यह निर्देश तब दिया गया है जब राज्य के विश्वविद्यालयों को चलाने के तरीके को लेकर ममता बनर्जी सरकार राज्यपाल आनंद बोस बीच टकराव चल रहा है। 

जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस बात पर जोर दिया कि केवल प्रतिष्ठित व्यक्तियों को कुलपति के रूप में नियुक्त किया जाना चाहिए। अदालत ने अटॉर्नी जनरल को इस मुद्दे को हल करने के लिए सभी हितधारकों के साथ बैठक करने के लिए कहा। वरिष्ठतम सरकारी विधि अधिकारी ने अदालत को आश्वासन दिया कि वह स्थिति में सुधार के लिए पहल करेंगे।
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