सुप्रीम कोर्ट रियलस्टेट कंपनी सुपरटेक लिमिटेड की उस याचिका पर मंगलवार को अपना फैसला सुना सकता है जिसमें नोएडा में एमराल्ड कोर्ट परियोजना में 40 मंजिला दो टावरों को भवन मानदंडों का उल्लंघन करने पर ध्वस्त करने संबंधी इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई है।
सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट के 11 अप्रैल, 2014 के फैसले के पक्ष और विपक्ष में घर खरीददारों की कई अन्य याचिकाओं पर भी अपना फैसला सुनाएगा।
जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ याचिकाओं पर फैसला सुनाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने चार अगस्त को इन याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
शीर्ष अदालत ने सुपरटेक की एमराल्ड कोर्ट परियोजना के घर खरीददारों को स्वीकृत योजना मुहैया कराने में विफल रहने पर नोएडा प्राधिकरण को फटकार लगाते हुए कहा था कि नोएडा प्राधिकरण चारों तरफ से भ्रष्टाचार में डूबा हुआ है।
पीठ ने कहा था कि जब घर खरीददारों ने योजना सौंपने के लिए कहा तो प्राधिकरण ने डेवलपर से पूछा क्या इसे साझा करना चाहिए। डेवलपर के कहने पर उन्हें योजना सौंपने से इनकार कर दिया गया। सुपरटेक लिमिटेड ने इन टावरों के निर्माण का बचाव किया था और दावा किया था कि यह नियमों का उल्लंघन नहीं है।