सुप्रीम कोर्ट ने गैंगस्टर अधिनियम से संबंधित 23 साल पुराने एक मामले में सजायाफ्ता गैंगस्टर मुख्तार अंसारी की अर्जी पर उत्तर प्रदेश सरकार से शुक्रवार को जवाब मांगा। अंसारी ने मामले में इलाहाबाद हाइकोर्ट की ओर से पांच साल कैद की सजा सुनाए जाने के फैसले को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत में अर्जी दाखिल की थी। इसे लेकर अब योगी सरकार को नोटिस जारी किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने गैंगस्टर से राजनेता बने मुख्तार अंसारी की याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। मुख्तार अंसारी की ओर से दायर याचिका में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट ने मुख्तार को उत्तर प्रदेश गैंगस्टर और असामाजिक गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत दोषी ठहराया था।
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क्या है मामला?
सुप्रीम कोर्ट ने गैंगस्टर अधिनियम से संबंधित 23 साल पुराने एक मामले में सजायाफ्ता गैंगस्टर मुख्तार अंसारी की अर्जी पर उत्तर प्रदेश सरकार से शुक्रवार को जवाब मांगा। अंसारी ने मामले में इलाहाबाद हाइकोर्ट की ओर से पांच साल कैद की सजा सुनाए जाने के फैसले को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत में अर्जी दाखिल की थी। इसे लेकर अब योगी सरकार को नोटिस जारी किया गया है।
हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलट दिया था
जस्टिस अनिरुद्ध बोस और न्यायमूर्ति बेला एम. त्रिवेदी की पीठ ने अंसारी की याचिका पर राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। हाईकोर्ट ने लखनऊ की विशेष एमपी-एमएलए अदालत द्वारा मामले में अंसारी को बरी किए जाने के फैसले को दिसंबर 2020 में पलट दिया था। विशेष कोर्ट ने मऊ सदर निर्वाचन क्षेत्र से पांच बार विधायक रहे अंसारी को यह कहते हुए बरी कर दिया था कि अभियोजन पक्ष अंसारी के खिलाफ अपराध साबित नहीं कर सका।