सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक आदेश को खारिज करते हुए कहा है कि सार्वजनिक सेवा का काम कर रहे अधिकारियों को कोर्ट में समन करना गैर जरूरी है। मामला प्रथम यूपी ग्रामीण बैंक के एक कर्मचारी की बर्खास्तगी से जुड़ा है। इस कर्मचारी की याचिका पर बैंक के चेयरमैन और क्षेत्रीय प्रबंधक को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने समन भेज कर तलब किया था।
जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस वी रामासुब्रह्मण्यन की पीठ ने हाईकोर्ट के आदेश पर नाखुशी जताते हुए कहा कि हमें इन दोनों अधिकारियों को समन करने का कोई कारण नहीं दिखता। यदि हाईकोर्ट को लगता है कि संबंधित कर्मचारी की बर्खास्तगी सही नहीं है तो कोर्ट इस बारे में आदेश पारित करने में सक्षम है। इसके लिए सार्वजनिक सेवा में रत अधिकारियों को तलब करना गैर जरूरी है। आठ अक्तूबर के अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश को खारिज कर दिया।