सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को यूनिटेक बिल्डर से रिफंड का विकल्प चुनने वाले 1197 घर खरीदारों को अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने और अपने फ्लैटों का कब्जा लेने के लिए 30 दिनों का समय दिया है।
वहीं प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शीर्ष अदालत के समक्ष सीलबंद लिफाफे में दायर अपनी रिपोर्ट में कहा कि उसने यूनिटेक लिमिटेड समूह की 650 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की है, जिसमें से 450 रुपये करोड़ की वसूली की जा सकती है। ईडी, यूनिटेक व अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच कर रही है।
साथ ही शीर्ष अदालत ने यूनिटेक लिमिटेड के नए प्रबंधन को रिफंड का विकल्प चुनने वाले घर खरीदारों को उम्र, स्वास्थ्य, परेशानी और प्रोजेक्ट की स्थिति के आधार पर श्रेणी बनाकर प्राथमिकता सूची बनाने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने दिया 30 दिनों का समय
जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने न्याय मित्र वकील पवनश्री अग्रवाल को 30 दिनों के लिए वेब पोर्टल खोलने के लिए कहा ताकि रिफंड का विकल्प चुनने वाले 1197 घर खरीदारों को अपने फैसले पर पुनर्विचार करने और फ्लैटों पर कब्जा लेने के विकल्प चुनने का मौका दिया जा सजे। पोर्टल को दिसंबर 2019 में पंजीकरण के लिए बंद कर दिया गया था।
पीठ ने कहा कि कई घर खरीदार, जिन्होंने अपने फ्लैटों का कब्जा मिलने में देरी और अनिश्चितता के कारण रिफंड का विकल्प चुना है उन्हें एक अंतिम अवसर देने से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने में मदद मिल सकती है।
पीठ ने यह भी कहा कि कुछ घर खरीदार ऐसे हैं जिन्होंने अपना मूलधन वापस ले लिया है लेकिन उन्होंने अपना टाइटल डीड और %अनापत्ति प्रमाण पत्र% जमा नहीं किया है। पीठ ने कहा कि ऐसे लोगों को नए प्रबंधन को अपने दस्तावेज जमा करने के लिए 30 दिनों का अंतिम अवसर भी दिया जाना चाहिए ताकि उनके फ्लैट को अनसोल्ड प्रोपर्टी की श्रेणी में माना जा सके।
सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल माधवी दीवान ने कहा कि जांच एजेंसी ने स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर दी है और अब तक उसने यूनिटेक समूह की 650 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है, जिसमें से 450 करोड़ रुपये की वसूली की जा सकती है। दीवान ने कहा कि उन्हें अदालत से कुछ निर्देशों की भी आवश्यकता है जिस पर पीठ ने कहा कि वह बुधवार को स्थिति रिपोर्ट और आवेदन पर विचार करेगी।
दिल्ली पुलिस की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज ने कहा कि उसने अब तक 66 प्राथमिकी दर्ज की हैं, जिनमें से 64 में आरोप तय किए जाने हैं और दो प्राथमिकी में जांच लंबित है। पीठ ने उनसे यूनिटेक लिमिटेड के पुराने प्रबंधन के पदाधिकारियों के खिलाफ लंबित मामलों पर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।
यूनिटेक लिमिटेड के नए प्रबंधन की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एन वेंकटरमन ने अदालत को एक नोट पेश किया और कहा कि कुछ निर्देश की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नए प्रबंधन ने एक रिसॉल्युशन प्लान तैयार किया है जिसके तहत परियोजना के चरण के आधार पर तीन श्रेणियां बनाई गई हैं। सुनवाई बुधवार को भी जारी रहेगी।