सुप्रीम कोर्ट ने पत्नी की दहेज प्रताड़ना और हत्या के 2007 के एक मामले में आरोपी कांस्टेबल को ट्रायल में देरी करवाने की याचिका को नृशंस बताते हुए उस पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी। यह मामला उत्तराखंड का है।
चीफ जस्टिस एनवी रमण की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, याचिकाकर्ता के वकील से कहा आप न्यायिक प्रणाली का घोर दुरुपयोग कर रहे हैं। आप एक निलंबित कांस्टेबल हैं और आपको बिना एक भी मिनट गंवाए बर्खास्त कर जेल भेजा जाना चाहिए। आपने जानबूझ कर इस मामले को खींचा है, जिसमें आप अपनी पत्नी की हत्या के आरोपी हैं।
आरोपी पूरन चंद्र ने शीर्ष अदालत से 2019 में भी राहत पाने की असफल कोशिश की थी और यह तथ्य सामने आने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई।
आरोपी पूरन चंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई थी कि उसे आरोपमुक्त किया जाए और उसकी नौकरी बहाल की जाए। पीठ ने ट्रायल कोर्ट को तीन महीने में मामले का फैसला करने का भी निर्देश दिया।