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SC: सुप्रीम कोर्ट ने जीएसटी कानून में हुईं गिरफ्तारियों और नोटिस का डाटा मांगा, कहा- लोगों का शोषण न हो

Fri, 03 May 2024 03:06 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की विशेष पीठ ने 281 याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए ये निर्देश दिया। इन याचिकाओं में जीएसटी कानून, कस्टम कानून और पीएमएलए कानून के प्रावधानों को चुनौती दी गई है। 
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के प्रावधानों में अस्पष्टता के कारण किसी के भी उत्पीड़न की अनुमति नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने कहा, इससे जुड़े सभी मामलों में लोगों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा जा सकता।

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शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार से जीएसटी के प्रावधानों के तहत नोटिस व गिरफ्तारियों का ब्योरा तलब किया है। शीर्ष कोर्ट ने कहा, वह कानून की व्याख्या कर सकता है व किसी भी उत्पीड़न से बचाने के लिए उचित दिशा-निर्देश तय कर सकता है।

जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस एमएम सुंदरेश व जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की विशेष पीठ ने ये निर्देश जीएसटी अधिनियम, सीमा शुल्क अधिनियम और पीएमएलए के विभिन्न प्रावधानों को चुनौती देने वाली 281 याचिकाओं की सुनवाई करते हुए दिए। इसमें जीएसटी अधिनियम की धारा 69 में अस्पष्टता का भी मुद्दा था, जो गिरफ्तारी की शक्तियों से जुड़ा है। पीठ ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एसवी राजू से कहा, यदि जरूरत हुई तो नागरिकों की स्वतंत्रता को मजबूत करने के लिए  वह कानून की व्याख्या करेगी, पर नागरिकों को परेशान करने की अनुमति नहीं देगी। पीठ ने कहा, धोखाधड़ी के मामलों और अनजाने या हानि-रहित चूक के बीच अंतर होना चाहिए।
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पीठ ने केंद्र को बीते तीन वर्षों में एक से पांच करोड़ रुपये के डिफॉल्ट के लिए जीएसटी अधिनियम में जारी किए गए नोटिस व गिरफ्तारियों से जुड़ा आंकड़ा पेश करने के निर्देश दिए। कहा, नोटिस व गिरफ्तारियों से लोगों का उत्पीड़न हो सकता है। यदि हमें लगता है, प्रावधान में अस्पष्टता है, तो हम इसे दुरुस्त कर देंगे। कोर्ट ने कहा, पीएमएलए केस में कोर्ट ने लिखित रूप में गिरफ्तारी का आधार देना अनिवार्य कर दिया है। ऐसा जीएसटी के तहत भी किया जा सकता है। एएसजी ने कहा कि वह नौ मई को अदालत के प्रश्नों का उत्तर देने का प्रयास करेंगे।

दी जाती है गिरफ्तारी की धमकी
पीठ ने याचिकाकर्ताओं के वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा के तर्कों के बाद सरकार से आंकड़े मांगे। लूथरा ने जीएसटी कानून के तहत अथॉरिटी पर शक्तियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। कहा, यह व्यक्तियों की स्वतंत्रता को कम कर रहा है। लूथरा ने बताया, कभी-कभी गिरफ्तारी की धमकी देकर परेशान किया जाता है।

राज्यों का डाटा मिलना मुश्किल : केंद्र
एएसजी राजू ने कहा, वह केंद्रीय जीएसटी अधिनियम के तहत जारी नोटिस व गिरफ्तारियों के संबंध में डाटा एकत्र करेंगे, पर राज्यों से जुड़ी जानकारी एकत्र करना मुश्किल होगा। इस पर पीठ ने कहा, हम पूरा डाटा चाहते हैं। जीएसटी काउंसिल के पास ये डाटा होगा। हम इसे देखना चाहते हैं।

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