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सुप्रीम कोर्ट: चारधाम के एचपीसी के चेयरमैन का इस्तीफा मंजूर, सेवानिवृत्त जस्टिस सीकरी नए चेयरमैन नियुक्त

Fri, 11 Mar 2022 07:38 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पीठ ने अटॉर्नी जनरल के सुझाव पर सहमति जताई और जस्टिस (सेवानिवृत्त) सीकरी को उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) का नया चेयरपर्सन नियुक्त किया। रवि चोपड़ा को आठ अगस्त, 2019 को शीर्ष अदालत द्वारा एचपीसी के चेयरमैन के रूप में नियुक्त किया गया था।
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सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो) - फोटो : Social Media
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को चार धाम परियोजना से हिमालय घाटी पर पड़ने वाले संचयी और स्वतंत्र प्रभाव को लेकर गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) के चेयरपर्सन प्रोफेसर रवि चोपड़ा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। शीर्ष अदालत ने अब अपने पूर्व न्यायाधीश एके सीकरी को समिति का चेयरपर्सन नियुक्त करने का निर्णय लिया है।

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जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने समिति के अध्यक्ष के रूप में प्रोफेसर रवि चोपड़ा के इस्तीफे को स्वीकार कर लिया था, जिन्होंने गत जनवरी में इस संबंध में एक पत्र लिखा था। केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने पीठ से कहा कि चूंकि जस्टिस (सेवानिवृत्त) सीकरी को इस अदालत द्वारा पर्यावरण संबंधी चिंताओं और चारधाम परियोजना से जुड़े अन्य मुद्दों की देखरेख के लिए निगरानी समिति के अध्यक्ष के रूप में पहले ही नियुक्त किया जा चुका है, इसलिए बेहतर होगा कि उन्हें उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) के चेयरपर्सन के पद पर नियुक्त किया जाए।

पीठ ने अटॉर्नी जनरल के सुझाव पर सहमति जताई और जस्टिस (सेवानिवृत्त) सीकरी को उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) का नया चेयरपर्सन नियुक्त किया। रवि चोपड़ा को आठ अगस्त, 2019 को शीर्ष अदालत द्वारा एचपीसी के चेयरमैन के रूप में नियुक्त किया गया था।

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जेल - फोटो : सोशल मीडिया
छह महीने के अंदर अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपे जेल सुधार समिति: सुप्रीम कोर्ट
एक अन्य मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जेल सुधारों पर गठित समिति से आग्रह किया कि वह अपनी अंतिम रिपोर्ट छह महीने के अंदर सौंप दे। इस समिति का गठन जेल में तय संख्या से अधिक कैदियों के कैद होने समेत अन्य मुद्दों की समीक्षा और सिफारिश देने के लिए की किया गया है।  

जस्टिस एलएन राव और जस्टिस बीआर गवई की पीठ ने केंद्र सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। केंद्र ने जेल सुधारों पर बनी समिति को अपनी अंतिम रिपोर्ट तीन महीने में देने का निर्देश देने की अपील की थी। इस समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश अमितत्व रॉव कर रहे हैं। 
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