अध्ययन में कहा गया है कि समय के साथ जानवरों का आकार दो प्रमुख पारिस्थितिक कारणों पर निर्भर करता है। पहला, प्रजातियों के बीच संसाधनों के लिए सीधी और तीखी प्रतिस्पर्धा और दूसरा, पर्यावरण से विलुप्त होने का खतरा।
एक अध्ययन में इस बात का खुलासा किया गया है कि दुनियाभर में कुछ जानवरों का आकार क्यों बढ़ता गया और कुछ का आकार छोटा होता गया। जैसे अलास्का के घोड़े, क्रिप्टोडिरन कछुए और आइलैंड की छिपकलियां समय के साथ क्यों सिकुड़ गईं। कम्युनिकेशंस बायोलॉजी जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में जानवरों के विकास का सिमुलेशन करने वाले कंप्यूटर मॉडल का उपयोग करते हुए इस बात की पहचान की गई है कि क्यों कुछ प्रजातियां धीरे-धीरे छोटी हो जाती हैं जैसा कि जीवाश्म रिकॉर्ड से पता चलता है। अध्ययन में कहा गया है कि समय के साथ जानवरों का आकार दो प्रमुख पारिस्थितिक कारणों पर निर्भर करता है। पहला, प्रजातियों के बीच संसाधनों के लिए सीधी और तीखी प्रतिस्पर्धा और दूसरा, पर्यावरण से विलुप्त होने का खतरा।
विज्ञापन
प्रतिस्पर्धा पर निर्भर करता है आकार
अध्ययन के अनुसार ऐसे स्थानों और समय में जहां भोजन और आश्रय के लिए विभिन्न प्रजातियों के बीच बहुत प्रतिस्पर्धा होती है वहां जानवरों का आकार अक्सर छोटा हो जाता है, क्योंकि प्रजातियां फैलती हैं और संसाधनों और प्रतिस्पर्धियों के वितरण के अनुकूल होती हैं। उदाहरण के लिए बर्फ के दौरान अलास्का में रहने वाले छोटे घोड़ों की आयु जलवायु और वनस्पति में बदलाव के कारण तेजी से घटी है। वहीं, जहां सीधी प्रतिस्पर्धा कम होती है वहां आकार बड़े होते जाते हैं।
अलग-अलग पैटर्न की पहचान
अध्ययनकर्ताओं ने विभिन्न परिस्थितियों में उभरने वाले शरीर के आकार में बदलाव के तीन अलग-अलग पैटर्न की पहचान की। समय के साथ धीरे-धीरे आकार में वृद्धि- ऐसा तब होता है जब प्रजातियों के बीच प्रतिस्पर्धा मुख्य अंतर के बजाय उनके सापेक्ष शरीर के आकार से निर्धारित होती है।
विज्ञापन
विलुप्त होने के बाद आकार में वृद्धि-यहां सबसे बड़े जानवर बार-बार विलुप्त हो जाते हैं, जिससे अन्य प्रजातियों के लिए उनकी जगह लेने और भी बड़े शरीर विकसित करने के अवसर मिलते हैं। समय के साथ धीरे-धीरे आकार में कमी-सिमुलेशन ने कोप के नियम के विपरीत भी पूर्वानुमान लगाया। समय के साथ प्रजातियां छोटी होती रही हैं। ऐसा तब होता है जब प्रतिस्पर्धा अधिक होती है और आवास और संसाधन उपयोग में कुछ हद तक एक-दूसरे के इलाके में हस्तक्षेप करते हैं।