गुजरात के वडोदरा स्थित महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय के ललित कला पाठ्यक्रम के एक छात्र को अपनी कलाकृतियों में हिंदू देवी-देवताओं को आपत्तिजनक तरीके से चित्रित करने पर निष्कासित कर दिया है।
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कुलपति विजय कुमार श्रीवास्तव ने बुधवार को कहा कि कुछ अन्य छात्रों और शिक्षक, विभाग के प्रमुख और संकाय के डीन को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय समिति की मंगवार को हुई बैठक के बाद उसकी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई।
पुलिस ने मंगलवार को बताया था कि कुछ दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के सदस्यों ने पांच मई को विश्वविद्यालय के ललित कला संकाय के परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया गया कि छात्रों द्वारा बनाई गई कुछ कलाकृतियों में हिंदू देवताओं को आपत्तिजनक तरीके से चित्रित किया गया था।
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स्थानीय पुलिस इंस्पेक्टर आरजी जडेजा ने कहा कि स्थानीय एबीवीपी कार्यकर्ता जयवीर सिंह राउलजी की शिकायत के आधार पर वडोदरा की सयाजीगंज पुलिस ने सोमवार शाम को विश्वविद्यालय के ललित कला के प्रथम वर्ष के छात्र के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
बलात्कार के समाचारों की कटिंग से बनाईं कलाकृतियां
पुलिस को दी शिकायत में, स्थानीय एबीवीपी कार्यकर्ता जयवीर सिंह राउलजी ने कहा था कि उन्हें पांच मई को अपने व्हाट्सएप पर कुछ आपत्तिजनक कलाकृतियों की तस्वीरें मिलीं, जिन्हें कथित तौर पर ललित कला के छात्रों द्वारा तैयार किया गया था। ये कलाकृतियां बलात्कार के समाचारों की कटिंग से चिपकाकर विभिन्न देवी-देवताओं के कट-आउट के रूप में तैयार की गई थीं। इसलिए एबीवीपी के कुछ सदस्य इस दावे को सत्यापित करने के लिए विश्वविद्यालय के ललित कला विभाग में पहुंचे थे कि क्या वास्तव में इस तरह की कलाकृतियों को परीक्षा मूल्यांकन के लिए विभागीय प्रदर्शनी में सार्वजनिक तौर पर प्रदर्शन किया जाएगा?