तमिलनाडु की आर.सौम्या कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग करने के बाद भी नौकरी पाने में विफल रही थी। वह अपने परिवार के भरण पोषण के लिए संघर्ष कर रही थी। आखिरकार महामारी काल में उसकी छोटी सी पहल से सीएम एमके स्टालिन का दिल पसीजा और उन्होंने अपने वादे के अनुसार उसे नौकरी दे दी।
22 साल की सौम्या ने बीते वर्ष स्नातक परीक्षा पास कर ली थी। तब से वह रोजगार तलाश रही थी। 12 जून को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन मेट्टूर बांध के उद्घाटन के लिए पहुंचे थे। तब सौम्या ने उनसे मुलाकात की थी। सौम्या ने उन्हें अपने पत्र के साथ मुख्यमंत्री कोविड राहत कोष में सोने की चेन दान की थी। तब स्टालिन ने उसे नौकरी देने का वादा किया था।
सौम्या को सुनहरी बेटी करार दिया
सीएम स्टालिन ने सौम्या को नौकरी देने का वादा पूरा कर दिया है। उन्होंने ट्वीटर पर सौम्या का पत्र साझा किया और बताया कि कैसे सौम्या की उदारता ने उनके दिल को छू लिया। सीएम ने सौम्या को 'पोनमाल' (सुनहरी बेटी) करार दिया।
स्टालिन ने ट्ववीट किया-'बहन सौम्या की याचिका मेरे ध्यान में आई। महामारी के समय में मदद करने के उनके इरादे ने मेरा दिल जीत लिया। जल्द ही, उसे उसकी पढ़ाई के अनुरूप नौकरी की पेशकश की जाएगी। उचित कार्रवाई की जाएगी।'
जेएसब्ल्यू स्टील प्लांट में लगी नौकरी
सौम्या को मंगलवार को जेएसडब्ल्यू स्टील प्लांट से नियुक्ति पत्र मिला। तमिलनाडु के बिजली मंत्री वी. सेंथिल बालाजी ने लड़की से मुलाकात की और नियुक्ति पत्र सौंपा। इस पर सौम्या ने फोन पर सीएम स्टालिन को धन्यवाद दिया।