उन्होंने लोगों से भगवा पार्टी की सांप्रदायिक, विभाजनकारी, सत्तावादी और कॉर्पोरेट संचालित राजनीति को समाप्त करने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। स्टालिन ने 'स्पीकिंग फॉर इंडिया' पोडकास्ट की अपनी दूसरी कड़ी में कैग की रिपोर्ट को लेकर पीएम मोदी से सवाल किया।
द्रमुक प्रमुख ने सवाल किया, मैं (पीएम) मोदी से पूछता हूं, जो 'इंडिया' पर भ्रष्ट लोगों का गठबंधन होने का आरोप लगाते' हैं; कैग की रिपोर्ट आपके शासन में भ्रष्टाचार को उजागर करती है। क्या आपने पढ़ा है कि रिपोर्ट में क्या कहा गया है? क्या आपने विशेष सत्र में इस पर चर्चा की? क्या आपने जवाब दिया? पॉडकास्ट का शीर्षक था- 'कैग की रिपोर्ट में 7.5 लाख करोड़ रुपये की अनियमितताएं और प्रधानमंत्री की चुप्पी।'
द्रमुक प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पांच 'सी' से बनी है, जो सांप्रदायिकता (कम्युनलिज्म), भ्रष्टाचार (करप्शन), कॉरपोरेट पूंजीवाद (कॉरपोरेट कैपिटलिज्म), धोखाधड़ी (चीटिंग) और चरित्र हनन (कैरेक्टर असासिनेशन) हैं। हालांकि भाजपा प्रचार और विज्ञापनों के माध्यम से यह सब छिपाने में कामयाब रही है, लेकिन 'इंडिया' गठबंधन के नेता अब भाजपा को बेनकाब कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा, हम यह बात राजनीति के लिए नहीं कह रहे हैं। कैग की रिपोर्ट साबित करती है कि हम वास्तविक आंकड़ों के आधार पर तथ्यात्मक अंतर्दृष्टि साझा कर रहे हैं।
कैग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए स्टालिन ने अयोध्या विकास परियोजना से लेकर आयुष्मान भारत योजना तक 7.5 लाख करोड़ रुपये की अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अभी तक न तो प्रधानमंत्री और न ही संबंधित केंद्रीय मंत्रियों ने इस पर कोई प्रतिक्रिया दी है। वे भी जवाब नहीं दे सकते। यही कारण है कि मोदी लोगों का ध्यान भटकाने के लिए अलग-अलग तरह की राजनीति करते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि देश के लोगों को एहसास हो गया है कि पीएम मोदी गरीबों, दलितों, पिछड़े वर्गों, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के खिलाफ काम कर रहे हैं।