एसएससी जीडी 2018 के लाखों आवेदक आज परेशान हैं। वजह, तीसरे साल में भी उन्हें ज्वाइनिंग की उम्मीद नहीं है। आवेदकों का दावा है कि लगभग 80 हजार अभ्यर्थी मेडिकल जांच में पास हो चुके हैं, इसके बावजूद उन्हें ज्वाइनिंग नहीं मिल रही। दूसरी परीक्षा की तैयारी भी नहीं कर सकते, क्योंकि उम्र निकल गई। कोई युवा पांच साल में तो कुछ आवेदक सात वर्ष के अथक प्रयासों के बाद यहां तक पहुंचे हैं। युवा हल्लाबोल के संयोजक अनुपम बताते हैं कि इसमें सारा दोष तो सरकार का है। जब एक लाख पद खाली हैं तो ज्वाइनिंग में देरी क्यों हो रही है।
वह कहते हैं, दरअसल, केंद्र सरकार को युवाओं की चिंता है ही नहीं। अगर मॉडल एग्जाम कोड लागू हो जाता तो आज लाखों आवेदक उम्र निकलने की चिंता में सड़कों पर न उतरते। युवा हल्ला बोल ने ही यह एग्जाम कोड तैयार किया था। इसके जरिए सरकार को वह प्रक्रिया बताई गई थी, जिसके माध्यम से नौ माह के भीतर कोई भी परीक्षा, फार्म निकलने से लेकर ज्वाइनिंग तक, संपन्न कराई जा सकती है, लेकिन तब सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया।
अनुपम के अनुसार, जब बड़े पैमाने पर पद खाली हैं तो भी सरकार तय समय में भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं कर सकी। सीआरपीएफ में 26506, बीएसएफ में 28926, सीआईएसएफ 23906, एसएसबी 18643, आईटीबीपी 5784 और असम राइफल में 7328 पद खाली पड़े हैं। यह जानकारी खुद केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने संसद में दी थी। दो साल पहले युवा हल्लाबोल ने मॉडल एग्जाम कोड तैयार किया था। उस वक्त लगातार कई परीक्षाओं के पेपर लीक हुए थे। परीक्षा परिणाम देरी से जारी हो रहे थे।
देशभर के आवेदकों ने भर्ती प्रक्रिया के कथित गोलमाल के खिलाफ एसएससी मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया था। भर्ती प्रक्रिया के सभी पहलुओं पर गौर करें तो सामने आता है कि किसी भी भर्ती की प्रक्रिया नौ माह में पूरी होनी चाहिए। यहां तक कि कार्मिक मंत्रालय के एक जनवरी 2016 को निकाले गए नोटिस के अनुसार, सीधी भर्ती प्रक्रिया को छह माह में पूरा हो जाना चाहिए, लेकिन भारत में सरकारी नौकरियों के सपने देखने वाले युवाओं के लिए यह भी अभी तक जुमला साबित हो रहा है।
आवेदकों ने टेस्ट पास कर लिया, शारीरिक दक्षता परीक्षा और मेडिकल जांच में भी सफल हो गए, लेकिन ज्वाइनिंग नहीं मिल रही। छह साल से भर्ती की तैयारी में जुटे योग्य उम्मीदवार मानसिक प्रताड़ना झेल रहे हैं। जब उम्र निकल जाएगी तो गरीब परिवारों के ये बच्चे आगे क्या करेंगे। इस मामले में सरकार की पूरी संवेदनहीनता नजर आती है। कॉन्फेडरेशन ऑफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह ने ज्वाइनिंग का इंतजार कर रहे आवेदकों को 12 नवंबर को महात्मा गांधी के समाधि स्थल राजघाट पर बुलाया है।
रणबीर सिंह कहते हैं कि सरकार को कई बार ज्ञापन देकर इन आवेदकों की ज्वाइनिंग जल्द कराने का आग्रह किया गया है। अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। इन आवेदकों के पास दूसरा विकल्प भी नहीं है। ऐसे में अब ये अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने के लिए दिल्ली पहुंच रहे हैं।
मॉडल एग्जाम कोड में शामिल अहम बातें
- भर्ती की विज्ञप्ति निकलने के बाद फार्म भरने के लिए 20 दिन का समय दिया जाए। यदि फार्म में कोई कमी है, तो उसकी जानकारी आवेदक को मैसेज और ई-मेल से दी जाए। उसमें सुधार करने का नोटिस दिया जाए।
- फार्म भरे जाने के बाद 30 दिन के अंदर प्रवेश पत्र जारी हो। यह सूचना भी मैसेज और ईमेल के जरिए आवेदक को मिले। सुनिश्चित किया जाए कि यदि फार्म में परीक्षा केंद्र चुनने का मौका न हो तो परीक्षार्थी का परीक्षा केंद्र उसके घर से सौ किलोमीटर की दूरी पर न हो।
- प्रवेश पत्र जारी करने के बाद 15 दिन में परीक्षा आयोजित की जाए। परीक्षा पर्यवेक्षकों का ब्यौरा सरकारी एजेंसियों द्वारा सत्यापित किया जाए। परीक्षा संबंधी शिकायत दर्ज कराने के लिए 24 घंटे काम करने वाले शिकायत निवारण केंद्रों की स्थापना हो। ऑनलाइन परीक्षा के सॉफ्टवेयर की जांच सरकार द्वारा की जाए। परीक्षा केंद्र पर निशुल्क सामान रखने की व्यवस्था हो।
- सभी परीक्षा कक्ष सीसीटीवी युक्त हों। परीक्षा केंद्र में मौजूद सभी लोगों का मोबाइल फोन और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्रयोग वर्जित हो। परीक्षार्थी और पर्यवेक्षकों की उपस्थिति बायोमेट्रिक सिस्टम से दर्ज की जाए। परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाए जाएं। प्री परीक्षा के सात दिन के भीतर उत्तर कुंजी जारी हो। उत्तर कुंजी को चुनौती देने के लिए जो प्रक्रिया शुरू होती है, उसका आपत्ति/पुनरावृत्ति शुल्क माफ हो।
- अगले सात दिन में नए और अंतिम उत्तर कुंजी के साथ परीक्षा परिणाम घोषित हो जाए। परीक्षा में यदि कोई गलत सवाल आता है तो उसके सभी को समान अंक मिलें।
- एक महीने के भीतर अगले स्तर की परीक्षा या मुख्य परीक्षा, टाइपिंग और शारीरिक परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी किए जाएं। इससे आगे के 15 दिन में अगले स्तर की परीक्षा पूरी की जाए। एक सप्ताह के उत्तर कुंजी जारी हो। अगले एक सप्ताह में रिवाइज्ड उत्तर कुंजी के साथ अंतिम परिणाम घोषित हो।
- इसके बाद सफल अभ्यर्थियों को परिणाम जारी होने के बाद तीन माह के अंदर ज्वाइन करा दिया जाए। किन्हीं कारणों से यदि ज्वाइनिंग में देरी हो रही है तो अभ्यर्थियों को मुआवजा मिले। किसी घटना या आवेदकों की ज्यादा संख्या होने की स्थिति में एक माह का अतिरिक्त समय दिया जाए।