रूस की स्पूतनिक वी कोरोना वैक्सीन की 30 लाख खुराक वाली एक खेप आज यानी मंगलवार (1 जून) को हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरी। जानकारी के अनुसार वैक्सीन की खेप रूस से चार्टर्ड मालवाहक के जरिये तड़के सुबह 3.43 बजे हैदराबाद हवाई अड्डे पर पहुंची।
अब तक की सबसे बड़ी शिपमेंट
एक आधिकारिक बयान में कहा गया, ‘इस खेप के आने से पहले भी जीएमआर हैदराबाद एयर कार्गो वैक्सीन के कई आयात शिपमेंट को संभाल चुका है, लेकिन आज की 56.6 टन टीकों की शिपमेंट भारत में अब तक संभाले गए कोरोना टीकों की सबसे बड़ी आयात शिपमेंट है। इस शिपमेंट ने सभी प्रक्रियाओं को पूरा किया और 90 मिनट से भी कम समय में भेज दिया गया।’
टीकों को सही तापमान पर रखना जरूरी
बता दें, स्पूतनिक वी वैक्सीन के लिए विशेष रखरखाव व भंडारण की जरूरत होती है, जिसे -20 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर रखा जाना जरूरी है। बयान में कहा गया कि जीएचएसी ग्राहकों की आपूर्ति श्रृंखला टीम के विशेषज्ञों, सीमा शुल्क विभाग के अधिकारियों और अन्य संबंधित हितधारकों के साथ मिलकर काम कर रहा है। यह सुनिश्चित करने का समय है कि वैक्सीन शिपमेंट के सुचारू संचालन के लिए एयर कार्गो टर्मिनल पर आवश्यक बुनियादी ढांचा और रखरखाव प्रक्रियाएं पूरी तरह से मौजूद हैं।
स्पूतनिक वी का हाल ही में हुआ था सॉफ्ट-लॉन्च
मालूम हो कि डॉ. रेड्डीज लैबोरेट्रीज ने भारत में स्पूतनिक-वी की 25 करोड़ शीशियों को बेचने के लिए रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष के साथ एक समझौता किया है। डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज को स्पूतनिक-वी के प्रतिबंधित आपातकालीन उपयोग के लिए भारतीय दवा नियामक से मंजूरी मिल गई है। डॉ. रेड्डीज ने पहले आरडीआईएफ से दो लाख से अधिक टीके प्राप्त किए थे। बताते चलें कि हाल ही में स्पूतनिक को सॉफ्ट-लॉन्च किया गया और वैक्सीन के संचालन के लिए अपोलो हॉस्पिटल्स के साथ करार किया गया।