सार
यह मामला पुणे में आयोजित एलगार परिषद-नक्सली कनेक्शन से जुड़ा है। गौतम नवलखा को इस मामले में कथित भूमिका को लेकर 28 अगस्त 2018 को गिरफ्तार किया गया था। शुरुआत में नवलखा को घर में नजरबंद रखा गया था, लेकिन बाद में न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था।
महाराष्ट्र के चर्चित एलगार परिषद मामले में मुंबई की विशेष एनआईए कोर्ट ने आज एक्टिविस्ट गौतम नवलखा को जमानत देने से इनकार कर दिया।
यह मामला पुणे में आयोजित एलगार परिषद-नक्सली कनेक्शन से जुड़ा है। गौतम नवलखा को इस मामले में कथित भूमिका को लेकर 28 अगस्त 2018 को गिरफ्तार किया गया था। शुरुआत में नवलखा को घर में नजरबंद रखा गया था, लेकिन बाद में न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था।
उन्हें मुंबई के उपनगर तलोजा जेल में रखा गया है। विशेष न्यायाधीश राजेश जे. कटारिया ने सोमवार केा नवलखा की जमानत अर्जी खारिज कर दी। हालांकि, आदेश का विस्तृत विवरण अभी नहीं मिल सका है।
बता दें, पुणे के शनिवारवाड़ा में 31 दिसंबर 2017 को एल्गार परिषद सम्मेलन आयोजित किया गया था। इसमें कथिततौर पर भड़काऊ भाषण दिए गए थे। इसके अगले दिन पुणे के बाहरी इलाके में स्थित कोरेगांव-भीमा युद्ध स्मारक के पास हिंसा हुई थी। इसे लेकर पुणे पुलिस ने दावा किया था कि इस सम्मेलन को नक्सलियों का समर्थन प्राप्त था। एनआईए ने बाद में मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। मामले में एक दर्जन से अधिक कार्यकर्ताओं और शिक्षाविदों को आरोपी बनाया गया था।
नवलखा ने इस मामले में पहले सुप्रीम कोर्ट में भी जमानत अर्जी दायर की थी, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली। गौतम नवलखा ने 19 फरवरी 2021 को बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। बॉम्बे हाईकोर्ट ने आठ फरवरी को नवलखा की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि उसे एनआईए की विशेष अदालत के फैसले में दखल देने का कोई उचित कारण दिखाई नहीं दे रहा है। वहीं विशेष अदालत ने गौतम नवलखा की याचिका पहले ही खारिज कर दी थी।