हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है। देश की सबसे पुरानी पार्टी धीरे-धीरे अपनी जमीनी धार खो रही है। इस पर मंथन के लिए कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की अध्यक्ष सोनिया गांधी रविवार को सुबह 10.00 बजे एक अहम बैठक करेंगी। मीटिंग 10 जनपथ पर बुलाई गई है। इसमें पार्टी के संसदीय रणनीति समूह से जुड़े लोग शामिल होंगे।
कांग्रेस कार्यकारिणी समिति की बैठक आज
कांग्रेस कार्यकारिणी समिति की बैठक रविवार को होगी। इसमें पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में मिली करारी हार पर मंत्रणा की जाएगी। पार्टी सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पार्टी मुख्यालय में रविवार शाम 4 बजे होने वाली बैठक की अध्यक्षता करेंगी। कांग्रेस को पंजाब में आप के हाथों सत्ता गंवानी पड़ी तो उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में भी वह कोई खास करिश्मा नहीं कर पाई।
बैठक हंगामेदार रह सकती है, क्योंकि पुडुचेरी में सत्ता गंवाने और केरल, असम व पश्चिम बंगाल चुनावों में खराब प्रदर्शन को लेकर असंतुष्ट गुट जी-23 के नेताओं ने शुक्रवार को वरिष्ठ पार्टी नेता गुलाम नबी आजाद के आवास पर कुछ सुधारात्मक कदम उठाने व संगठन में आमूलचूल बदलाव का सुझाव दिया था, लेकिन इस मोर्चे पर कोई खास पहल नहीं हुई।
सोनिया, राहुल और प्रियंका गांधी के इस्तीफे से कांग्रेस ने किया इनकार
कांग्रेस ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया, राहुल और प्रियंका गांधी के रविवार को होने वाली कार्यकारिणी समिति की बैठक में इस्तीफा देने की खबरों से इनकार किया है।
कांग्रेस की 159 महिला उम्मीदवारों में सिर्फ एक विजयी, बाकी सबकी जमानत जब्त
यूपी चुनावों में ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ कैंपेन के साथ कांग्रेस ने 159 महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा, जिसमें से सिर्फ एक को जीत मिली, बाकी की जमानत जब्त हो गई। यही नहीं, सभी उम्मीदवारों को 3000 से कम वोट मिले। महिलाओं को 40 प्रतिशत टिकट देने के कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के वादे के बाद जिन महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा गया उनमें से सिर्फ अराधना मिश्रा मोना ने ही अपनी सीट पर जीत दर्ज की।
उन्नाव सदर सीट से कांग्रेस ने एक रेप पीड़िता की मां आशा देवी को टिकट दिया था। उनके प्रचार के लिए राजस्थान और मध्य प्रदेश से आए कार्यकर्ताओं की टीम लगाई गई, इसके बावजूद आशा देवी को 1555 वोट ही मिले। वहीं, टीवी पत्रकारिता को छोड़ कर राजनीति में कदम रखने वाली निदा अहमद को पार्टी ने संभल से टिकट दिया। निदा का संबंध राजनीतिक परिवार से होने के बावजूद उन्हें 2256 वोट ही मिल सके।