पश्चिम बंगाल के मंत्री और ममता बनर्जी के करीबी कहे जाने वाले फिरहाद हकीम के एक बयान ने टीएमसी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। स्कूल भर्ती अनियमितताओं को लेकर फिरहाद हकीम ने कहा कि टीएमसी के कुछ नेता भ्रष्टाचार में पूरी तरह से डूबे हुए हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि इसका यह मतलब नहीं हैं कि पूरी पार्टी ही भ्रष्ट हैं।
नौकरियों के नाम पर पैसों की लूट- हकीम
टीएमसी के नेताओं पर टिप्पणी करते हुए हकीम ने कहा कि पार्टी के कुछ नेता नौकरियों के नाम पर लोगों से पैसा लूटते हैं। उन्होंने कहा, जो लोग भर्ती घोटाले में भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, वे पापी हैं। गौरतलब है कि उनकी यह टिप्पणी उस वक्त सामने आई जब स्कूल भर्ती अनियमितताओं में कई टीएमसी नेताओं और राज्य मंत्रियों की गिरफ्तारी हुई हैं।
जब भ्रष्टाचार हुआ था, तो वह चुप क्यों थे- कुणाल
फिरहाद हकीम के बयान पर न केवल विपक्ष बल्कि उनकी ही पार्टी के भीतर से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि जब भ्रष्टाचार हो रहा था तब वह क्या कर रहे थे? तब वह चुप क्यों थे? यह दिखावा करने का प्रयास कि कुछ लोग बहुत ईमानदार हैं, हास्यास्पद है।
दिलीप घोष बोले, जनता को बना रहे बेवकूफ
वरिष्ठ भाजपा नेता दिलीप घोष ने कहा कि हकीम का बयान लोकसभा चुनाव से पहले राज्य के लोगों को बेवकूफ बनाने की एक चाल है। दिलीप घोष ने कहा उन्हीं पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि जब भ्रष्टाचार हो रहा था, हर कोई अपना-अपना हिस्सा लेने में व्यस्त था। अब चुनाव से पहले वे ऐसा व्यवहार कर रहे हैं जैसे उन्हें कुछ पता ही नहीं है।