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स्मृति ईरानी को एक और झटका, कैबिनेट समितियों से हुई छुट्टी

Sat, 16 Jul 2016 07:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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मानव संसाधन विकास मंत्रालय से हटने के बाद स्मृति ईरानी को एक और झटका लगा है। सरकार में हैसियत के लिहाज से अहम कैबिनेट समितियों से भी ईरानी की छुट्टी हो गई है।
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उनकी जगह प्रकाश जावडे़कर को संसदीय मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीपीए) में शामिल किया गया है। पीएम ने राजनीतिक मामलों की समिति में सहयोगी दलों के मंत्रियों को भी स्थान दिया है। इससे सरकार के फैसलों पर सहयोगी दलों की भी छाप दिखेगी।

मंत्रिमंडल विस्तार के दस दिन बाद प्रधानमंत्री ने सरकार के लिए अहम मानी-जाने वाली सभी छह कैबिनेट समितियों का पुनर्गठन किया है। किसी समिति में स्मृति ईरानी का नाम नहीं होने से सरकार में उनकी हैसियत घटी है। वे मानव संसाधन विकास मंत्री के रूप में समिति में शामिल थीं।
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सरकार के लिए महत्वपूर्ण सभी छह कैबिनेट समितियों का किया पुनर्गठन

आश्चर्य इस बात पर जताया जा रहा है कि कैबिनेट मंत्री रहते हुए ईरानी को किसी भी समिति में स्थान नहीं मिला है, जबकि स्वतंत्र प्रभार वाले दो राज्य मंत्रियों को समितियों में जगह दी गई है।

समितियों के पुनर्गठन में संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार के साथ जावड़ेकर को भी जगह दी गई है। तो मुख्तार अब्बास नकवी, एस.एस. अहलूवालिया और पी.पी. चौधरी को भी इस समिति में विशेष आमंत्रित सदस्य के तौर पर शामिल किया गया है। इस समिति का कार्य संसद की रणनीति तैयार करना है।

सहयोगी दलों के नेता के रुप में राम विलास पासवान को भी इसमें जोड़ा गया है। सुरक्षा मामलों पर बनी कैबिनेट समिति और नियुक्ति की मंत्रिमंडलीय समिति में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

रक्षा मामलों की समिति में पीएम मोदी के साथ रक्षा मंत्री मनोहर परिकर, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और वित्त मंत्री अरुण जेटली रहेंगे। नियुक्ति मामले की मंत्रिमंडलीय समिति में पहले की तरह पीएम और गृह मंत्री ही हैं।
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राजनीतिक मामलों की समिति में सहयोगी दलों को मिला स्थान

राजनीतिक मामलों की समिति को बनाया गया व्यापक
मोदी ने राजनीतिक मामलों की कैबिनेट समिति को व्यापक बनाते हुए सहयोगी दलों के नेताओं को भी शामिल किया है। इसके लिए समिति की संख्या को 11 से बढ़ाकर 14 कर दी गई है। बताया जा रहा है कि मोदी ने यह कदम सरकार के राजनीतिक सोच को परिपक्व बनाने के लिहाज से उठाया है।

सहयोगी दलों को नुमाइंदगी देते हुए टीडीपी के अशोक गजपति राजू, एलजेपी के रामविलास पासवान, अकाली दल की हरसिमरत कौर और शिवसेना से अनंत गीते को इसमें शामिल किया गया है। भाजपा नेताओं में कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, संसदीय मामलों के मंत्री अनंत कुमार और स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा को इसमें शामिल किया गया है।

तरक्की न पाने वाले मंत्रियों को आर्थिक मामलों की समिति में जगह
मंत्रिमंडल विस्तार में तरक्की से वंचित मंत्रियों को आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति में जगह देकर सरकार ने उसकी भरपाई की है। स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, पीयूष गोयल और निर्मला सीतारमण का कद बढ़ाया है। इस समिति में अब 13 सदस्य हैं। रेल मंत्री सुरेश प्रभु और संसदीय मामलों के मंत्री अनंत कुमार को भी इसमें जगह दी गई है। 
 
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