केंद्रीय मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने शनिवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर आरोप लगाया कि उन्होंने उप मुख्यमंत्री रहते हुए एक एक दलित के लिए आवंटित जमीन पर अवैध तरीके से एक घर बनवाया। जद (एस) नेता ने कहा कि मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (मुडा) पर 14 जगहों पर जमीन के गलत तरीके से आवंटन के आरोप हैं, जिनकी जांच के लिए राज्यपाल ने मंजूरी दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सिद्धारमैया ने एक ऐसे दलित के लिए आवंटित जमीन पर अवैध तरीके से घर बनवाया जो शारीरिक रूप से सक्षम नहीं था।
कुमारस्वामी ने कहा, सिद्धारमैया ने एक दलित को 24 हजार रुपये का भुगतान करने के बाद हासिल की गई जमीन पर अवैध तरीके निर्माण कार्य किया। उन्होंने जाली दस्तावेजों के जरिए उस जमीन पर कब्जा किया और वहां एक घर बनवाया। उस व्यक्ति ने देखा कि उसकी जमीन पर किसी और का घर बना हुआ है। उसके पास सभी दस्तावेज हैं, जो आरोपों को सही साबित कर सकते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सिद्धारमैया ने कई अवैध काम किए हैं और इस मुद्दे को उजागर करने से नया विवाद खड़ा हो सकता है। कुमारस्वामी ने यह भी कहा कि सिद्धारमैया का जीवन एक खुली किताब नहीं है, जैसा कि वह दावा करते हैं। वे अब बताएं कि उस जमीन की बाद में बिक्री किसे की गई और अभी उसका मालिक कौन है। सिद्धारमैया 1996 से 1999 और 2004 से 2005 तक कर्नाटक के उप मुख्यंत्री रहे हैं। हालांकि, कुमारस्वामी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह घटना किस अवधि में हुई थी।
ठेकेदार ने की सीएम से मुलाकात, भाजपा विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग
उधर, मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने जानकारी दी कि ठेकेदार चलुवराजू ने मुख्यमंत्री सिद्धारमया से मुलाकात कर भाजपा विधायक मुनिरत्ना के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। चलुवराजू ने आरोप लगाया कि मुनिरत्ना ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया और पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की।
सीएमओ के मुताबिक, चलुवराजू ने आरोप लगाया कि मुनिरत्ना के खिलाफ कोई भी प्रभावी कदम नहीं उठाया जा रहा है, जबकि प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद पुलिस इस मामले में निष्क्रियता बरत रही है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
भाजपा ने मुनिरत्ना को जारी किया कारण बताओ नोटिस
वहीं, कर्नाटक भाजपा ने मुनिरत्ना को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और उन्हें उन पर लगे आरोपों पर पांच दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। उनके खिलाफ व्यालिकावल थाने में दो प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं।