राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने अयोध्या सामूहिक दुष्कर्म मामले में समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा है। दरअसल अखिलेश यादव ने मामले में दोषियों के डीएनए टेस्ट की मांग की है, जिस पर प्रियांक कानूनगो ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म हुआ है, आरोप आपकी पार्टी के नेता पर हैं और आप उनका बचाव कर रहे हैं। यह वही डीएनए है जो लड़कियों के साथ दुष्कर्म करने वालों का बचाव करते हुए कहता है, लड़कों से गलती हो जाती है।
पीड़िता के प्रति कुछ मानवता दिखाएं- आयोग
उन्होंने समाजवादी पार्टी के सांसद से पीड़िता के प्रति कुछ मानवता दिखाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, आप संसद के सदस्य हैं जो बच्चों के लिए कानून बनाते हैं, कृपया पीड़ित लड़की के प्रति कुछ मानवता दिखाएं। माननीय सांसद, जाति, धर्म और डीएनए से परे सोचें। आप सांसद देश के बच्चों के रक्षक हैं, बच्चे आपकी जिम्मेदारी हैं।
अखिलेश यादव ने आरोपियों के DNA टेस्ट की थी मांग
बता दें कि फैजाबाद के सांसद अवधेश प्रसाद की तरफ से नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में डीएनए टेस्ट कराने की मांग को दोहराते हुए समाजवादी पार्टी प्रमुख और लोकसभा सांसद अखिलेश यादव ने शनिवार को कहा कि पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए दुष्कर्म के आरोपियों का डीएनए टेस्ट होना चाहिए।
अखिलेश ने मामले को लेकर किया था एक्स पर पोस्ट
अखिलेश ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि दुष्कर्म के मामले में, जो भी आरोपी हैं, उनका डीएनए टेस्ट कराकर न्याय का रास्ता निकाला जाना चाहिए, न कि केवल आरोप लगाकर राजनीति करने से। जो भी दोषी है, उसे कानून के अनुसार पूरी सजा मिलनी चाहिए, लेकिन अगर डीएनए टेस्ट के बाद आरोप झूठे साबित होते हैं, तो इसमें शामिल सरकारी अधिकारियों को भी नहीं बख्शा जाना चाहिए। यह न्याय की मांग है।
वहीं अयोध्या प्रशासन ने आज नाबालिग लड़की से सामूहिक दुष्कर्म के मुख्य आरोपी सपा नेता मोईद खान की बेकरी को ध्वस्त कर दिया।
मायावती ने पूछा- सपा सरकार में कितने DNA टेस्ट हुए हैं?
इधर बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने डीएनए टेस्ट की मांग को लेकर समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा और पूछा कि उनके कार्यकाल में कितने डीएनए टेस्ट हुए। उन्होंने एक्स पर कहा, अयोध्या गैंगरेप मामले में आरोपियों के खिलाफ यूपी सरकार की तरफ से की जा रही सख्त कार्रवाई जायज है, लेकिन सपा की तरफ से यह कहना कि आरोपियों का डीएनए टेस्ट होना चाहिए, इसका क्या मतलब निकाला जाए। जबकि सपा को यह भी बताना चाहिए कि उनकी सरकार में ऐसे आरोपियों के कितने डीएनए टेस्ट हुए हैं।