सार
मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि बीते पांच वर्षों में आईएमडी द्वारा जारी किए जाने वाले भारी बारिश के अनुमानों में 30 से 40 फीसदी तक सुधार हुआ है। उन्होंने कहा, विकराल परिस्थितियों के दौरान जानमाल को बचाने के लिए इन पूर्वानुमानों पर गौर किया जाना चाहिए।
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के प्रमुख मृत्युंजय महापात्र ने मंगलवार को मौसम के पूर्वानुमान को लेकर कुछ खास बातें बताई हैं। उन्होंने कहा कि बीते पांच वर्षों में आईएमडी द्वारा जारी किए जाने वाले भारी बारिश के अनुमानों में 30 से 40 फीसदी तक सुधार हुआ है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अत्यधिक विकराल परिस्थितियों के दौरान जानमाल और संपत्तियों को बचाने के लिए इन पूर्वानुमानों पर गौर किया जाना चाहिए। आपको बता दें कि कुछ दिन पहले वायनाड में भूस्खलन को लेकर केरल सरकार ने आईएमडी पर निशाना साधा था। केरल सरकार का कहना था कि आईएमडी भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी करने में विफल साबित हुआ है। आपको बता दें कि वायनाड में 30 जुलाई को आई प्राकृतिक आपदा में अब तक 226 लोगों की मौत हो चुकी है।
केरल के मुख्यमंत्री को आईएमडी ने दिया जवाब
इसके जवाब में आईएमडी प्रमुख मृत्युंजय महापात्र ने कहा, ‘बीते पांच वर्षों में आईएमडी द्वारा जारी किए जाने वाले भारी बारिश के पूर्वानुमानों में 30 से 40 फीसदी तक सुधार हुआ है। आने वाले पांच से सात वर्षों में इसमें 10 से 15 फीसदी सुधार की संभावना है। अवलोकन नेटवर्क और संख्यात्मक मॉडलिंग प्रणाली में सुधार से यह संभव है।’ उन्होंने आगे कहा कि मौजूदा समय में आईएमडी द्वारा 24 घंटे पहले उप मंडल स्तर और जिला स्तर पर मौसम को लेकर दिए जाने वाले 80 से 90 फीसदी पूर्वानुमान सटीक पाए जाते हैं। इसके अलावा पांच दिन पहले जारी किए जाने वाले पूर्वानुमान 60 फीसदी सटीक होते हैं। महापात्र ने आगे कहा कि आईएमडी द्वारा जारी किए जाने वाले पूर्वानुमानों को और भी अधिक सटीक बनाने पर काम किया जा रहा है।
पिनरई विजयन ने क्या कहा था?
इससे पहले केंद्र सरकार और भारतीय मौसम विभाग पर निशाना साधते हुए केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने कहा था, ‘आपदा प्रभावित क्षेत्रों क लिए आईएमडी ने पहले ही ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। बताया गया था कि 115 से 204 मिलिमीटर के बीच बारिश हो सकती है। असल में इससे अधिक बारिश दर्ज की गई है। शुरुआती 24 घंटे में क्षेत्र में 22 मिलिमीटर बारिश दर्ज की गई और इसके बाद के 24 घंटों में 371 मिलिमीटर बारिश दर्ज की गई। कुल मिलाकर 48 घंटों में 572 मिलिमीटर बारिश हुई। यह पूर्व में दी गई चेतावनी से काफी अधिक है।’ मुख्यमंत्री ने आगे कहा था कि आपदा से पहले वायनाड जिले के लिए रेड अलर्ट जारी नहीं किया गया और भूस्खलन आने के बाद सुबह छह बजे रेड अलर्ट जारी किया गया। विजयन ने ये भी बताया था कि भूस्खलन की पूर्व चेतावनी देने वाले केंद्रीय जल आयोग ने भी 23 जुलाई से 29 जुलाई के बीच किसी भी तरह की चेतावनी जारी नहीं की।