राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने लिखा है कि आदरणीय अश्विनी जी, साइबर स्पेस में महिलाओं की सुरक्षा के प्रति आपका ध्यान आकर्षित करने के लिए यह पत्र लिख रही हूं। कुछ महीने पहले 'लिवरल डॉज' (Liberal Doge) नामक यूट्यूब चैनल ने एक विशेष समुदाय की महिला की लाइव नीलामी का प्रसारण किया था। लोग महिला को देखकर बोली लगा रहे थे और भद्दी टिप्पणियां कर रहे थे।
'सुल्ली डील्स' (Sulli Deals) नामक एप पर महिला पत्रकारों समेत कई पेशेवर महिलाओं की तस्वीरें बिना उनकी जानकारी के पोस्ट की गई हैं। ये तस्वीरें महिलाओं के सोशल मीडिया अकाउंट्स से ली गईं। एप पर तस्वीरें पोस्ट होने के बाद महिलाओं को धमकी, उत्पीड़न और अपमान का सामना करना पड़ा। इसका मकसद एक विशेष समुदाय की महिलाओं को निशाना बनाना था।
इस तरह की घटना ने महिलाओं को भारी परेशानी में डाल दिया और उन्हें भयभीत कर दिया है। कुछ महिलाओं ने अपना सोशल मीडिया अकाउंट डिलीट कर दिया और कुछ को उत्पीड़न की चिंता सता रही है। महिलाओं की गरिमा और उनके सम्मान को ठेस पहुंचाने के लिए इस तरह सोशल और डिजिटल मीडिया का इस्तेमाल होने से बहुत दुख पहुंचा है।
महिलाएं पहले ही लैंगिक भेदभाव को लेकर संघर्ष कर रही हैं और इस तरह की घटनाओं के बाद खासतौर पर साइबर दुनिया में उनकी सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। हालांकि दिल्ली और नोएडा पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किया है, लेकिन अभी तक कोई प्रगति नहीं हुई है।
ऐसे मामलों में कड़े कानून की कमी और सख्त सजा के अभाव में अपराधियों का हौसला बढ़ता है। मुझे दुख है इतना गंभीर मामला होने के बावजूद अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसलिए मैं आपसे अनुरोध करती हूं कि महिलाओं के सम्मान की रक्षा के लिए आप इस मामले में त्वरित कार्रवाई करें, जैसा कि किसी भी जिम्मेदार सरकार को करना चाहिए।