ब्रिटेन के अधिकारी ‘वाघ नख’ को वापस देने के लिए तैयार हो गए हैं। ऐसे में, छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा इस्तेमाल किए गए बाघ के पंजे के आकार के खंजर ‘वाघ नख’ की घर वापसी होने वाली है। छत्रपति शिवाजी महाराज ने इस बाघ के पंजे के आकार के खंजर का इस्तेमाल 1659 में बीजापुर सल्तनत के सेनापति अफजल खान को मारने के लिए किया था।
इस दिन जाएंगे लेने
वाघ नख वापस लाने पर मंत्री मुनगंटीवार ने कहा कि हम एक अक्तूबर को लंदन जाएंगे। वहां पर 3 अक्तूबर को एक एमओयू पर हस्ताक्षर करेंगे और नवंबर में हम वाघ नख को लेकर लाएंगे। उन्होंने कहा कि एमओयू इसलिए हो रहा है क्योंकि उनके खुद के कुछ नियम शर्ते हैं।
आस्था का प्रतीक वाघ नख
क्या है वाघ नख?
धातु के पंजे या 'वाघ नख' एक हथियार है जिसे पोर के ऊपर फिट करने या हथेली के नीचे और नीचे छुपाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसमें एक क्रॉसबार से जुड़े चार या पांच घुमावदार ब्लेड होते हैं। इस हथियार का इस्तेमाल शिवाजी महाराज ने बीजापुर सल्तनत के आदिल शाही वंश के सेनापति अफजल खान को मारने के लिए किया था। मुनगंटीवार ने कहा था कि 'जगदंबा' तलवार और 'वाघ नख' उपलब्ध कराने के बारे में पहले ब्रिटिश उप उच्चायुक्त से चर्चा की थी। इसी को लेकर एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया जा रहा है। मंत्री ने 16 अप्रैल को पश्चिमी भारत के ब्रिटिश उप उच्चायुक्त एलन जेम्मेल और राजनीतिक और द्विपक्षीय मामलों के उप प्रमुख इमोजेन स्टोन के साथ बैठक की थी।